हनुमानताल पुलिस ने क्षेत्र की सबसे बड़ी चोरी का किया खुलासा - Bhaskar Crime

Breaking

हनुमानताल पुलिस ने क्षेत्र की सबसे बड़ी चोरी का किया खुलासा

*हनुमानताल पुलिस ने क्षेत्र की सबसे बड़ी चोरी का किया अनावरण*

*तीन कुख्यात नकबजनों गिरफ्तार, 19.77 लाख के जेवरात बरामद किया*

चीफ रिपोर्टर जबलपुर/ हनुमानताल थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की घटना का पुलिस ने केवल कुछ दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने तीन कुख्यात नकबजनों (सेंधमारों) को गिरफ्तार कर उनके पास से लगभग 19 लाख 77 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है, जिसमें लूट, झपटमारी और नकबजनी जैसी संपत्ति संबंधी घटनाओं पर अंकुश लगाने पर जोर दिया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी:

1. सोयल उर्फ तिलकधारी चौधरी (20 वर्ष) - निवासी टेडीनीम, हनुमानताल

2. विमल चौधरी (47 वर्ष) - निवासी बाबा टोला, हनुमानताल

3. शिवम उर्फ सिब्बू (20 वर्ष) - निवासी हनुमानताल

घटना का विवरण:

9 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 8 मार्च की रात को बाबा टोला ठक्कर ग्राम स्थित एक घर के ताले तोड़कर अज्ञात चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली। पीड़िता गीतांजलि सतनामी अपनी मॉ सुषमा सतनामी के साथ मायके में पारिवारिक कार्यक्रम में आई थीं, तभी यह घटना हुई।

पुलिस टीम की कार्रवाई:

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता और नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर मधुर पटेरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हनुमानताल सुभाष चंद्र बघेल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने मुखबिर की सूचना पर करोंदानाला अधारताल क्षेत्र से आरोपी सोयल को दबोचा। उससे पूछताछ के बाद अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने घटना को अंजाम देकर माल आपस में बांट लिया था।

बरामदगी: तीनों आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में चांदी के आभूषण (पायल, बिछिया, बाजूबंद, करधन, खुसना आदि) और सोने की धातु के कंगन, मंगलसूत्र, चैन, अंगूठी, झुमकी सहित कुल 19.77 लाख रुपये का माल जब्त किया गया।

आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

सराहनीय भूमिका:

इस बड़ी सफलता में थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल के अलावा उप निरीक्षक रविन्द्र डुडवा, महेन्द्र बेन, राजेश पाण्डेय, प्रधान आरक्षक सादिक अली, अजय डबराल, वीरेन्द्र, आरक्षक ब्रजेश त्रिपाठी, महेन्द्र पाल, आदिल, महिला आरक्षक दीक्षा पाण्डे, शिवानी और नंदनी की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही