*चैत्र नवरात्र आज से शुरू, सदियों बाद बना दुर्लभ संयोग*
आज 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र का पर्व इस बार कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के कारण इतिहास रचने जा रहा है। आमतौर पर प्रतिपदा से शुरू होने वाली देवी आराधना इस बार अमावस्या से ही प्रारंभ होगी।
कलश स्थापना का विशेष संयोग:
आज सुबह 6:53 बजे से प्रतिपदा तिथि शुरू हो रही है, लेकिन तिथि क्षय के कारण उदयातिथि अमावस्या में ही घट स्थापना की जाएगी। यह संयोग वर्षों बाद बना है।
त्रिवेणी योग:
नवरात्र के पहले दिन आज शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत त्रिवेणी संयोग बन रहा है, जो साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
नवसंवत्सर 2083 का आगमन:
चैत्र नवरात्र के साथ ही आज हिंदू नव वर्ष 'रौद्र नाम संवत्सर' का भी शुभारंभ हो रहा है। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का प्रतीक है।
माता के आगमन-गमन के संकेत:
गुरुवार (आज) से शुरुआत: मां दुर्गा का आगमन पालकी पर हुआ है, जो अशांति और रोग बढ़ने के संकेत देता है।
· शुक्रवार (27 मार्च) को समापन: माता का गमन हाथी पर होगा, जो सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत माना जा रहा है।
समापन:
नवरात्र का समापन 27 मार्च को राम नवमी के पावन पर्व के साथ होगा, जिस दिन भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
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🙏 सभी भक्तों को चैत्र नवरात्र एवं हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
*मनोज विश्वकर्मा सम्पादक हैड चीफ एडिटर*
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