लो वोल्टेज से किसान परेशान: 15 गांवों में मोटरें जलीं, फसलें खतरे में - Bhaskar Crime

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लो वोल्टेज से किसान परेशान: 15 गांवों में मोटरें जलीं, फसलें खतरे में

*लो वोल्टेज से किसान परेशान: गांवों में मोटरें जलीं, फसलें खतरे में*

चीफ एडिटर जबलपुर  जिले के चरगवा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक दर्जन से अधिक गांवों में बिजली का वोल्टेज अत्यधिक कम होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कम पावर के चलते किसानों की सिंचाई मशीनें (पंप/मोटर) जल गई हैं, जिससे खरीफ की फसलों को पानी नहीं मिल पा रहा है



 कौन-कौन से गांव प्रभावित हैं ?

मुख्य रूप से सुनवारा, देवरी, अहमनपुर, जमनिया, भौरगढ़ और खेरूआ सहित आसपास के करीब 10 से 15 गांवों के किसान इस समस्या से जूझ रहे हैं। इन इलाकों में अधिकतर किसान नलकूपों पर निर्भर हैं।

क्या है मामला ?

किसानों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से इन गांवों में बिजली की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन पावर (वोल्टेज) इतना कम है कि मोटर ठीक से चल ही नहीं पा रही है। कम वोल्टेज के कारण मोटरें गर्म होकर जल गईं। एक किसान ने बताया, "मोटर चालू करते ही वह आवाज करके बंद हो जाती है। बिजली विभाग की लापरवाही से कई किसानों की मोटरें पूरी तरह जल चुकी हैं, जिनकी मरम्मत में हजारों रुपये खर्च आएगा।"

फसलों पर खतरा ?

सिंचाई न हो पाने के कारण धान, सोयाबीन और मक्का जैसी प्रमुख फसलें सूखने लगी हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर अगले दो-तीन दिनों में बिजली की स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हो जाएंगी।

किसानों का आरोप ?

परेशान किसानों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हर योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत में बिजली विभाग कम वोल्टेज देकर उनके साथ अन्याय कर रहा है। उनका आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मर या लाइनों की नियमित जांच नहीं करते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में वोल्टेज असंतुलन बना हुआ है।

बिजली विभाग का पक्ष:

खबर लिखे जाने तक जबलपुर बिजली विभाग के अधिकारियों का आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया है। हालांकि, अवैध कनेक्शन या लाइन में खराबी को इसके कारणों के तौर पर देखा जा रहा है। किसानों की शिकायत के बाद जल्द ही टीम को दिक्कत सुलझाने के लिए भेजे जाने की उम्मीद है।

प्रशासन से गुहार:

प्रभावित किसानों ने जिला कलेक्टर और ऊर्जा मंत्री से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:

1. क्षतिग्रस्त मोटरों की मुफ्त मरम्मत या मुआवजा।

2. क्षेत्र के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाना (अपग्रेडेशन)।

3. लो वोल्टेज के स्थायी समाधान के लिए नई फीडर लाइन बिछाना।