*रिश्वत कांड :लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई*
शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारी 80 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार*
विशेष संवाददाता दमोह / सागर। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई के लिए जानी जाने वाली सागर लोकायुक्त पुलिस ने दमोह जिले में एक बड़ा ट्रैप ऑपरेशन करते हुए शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को 80 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार की देर रात दमोह-जबलपुर मुख्य मार्ग पर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने की गई, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।
शिकायत का आधार: निलंबन से बहाली के नाम पर मांगी गई रिश्वत
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आवेदक नवेंद्र कुमार आठया (36 वर्ष), जो वर्तमान में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेरा में विज्ञान के प्राथमिक शिक्षक हैं, ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आठया मूल रूप से ग्राम करैया जोशी, तहसील हटा के निवासी हैं।
शिकायत में गंभीर आरोप लगाया गया था कि आवेदक को उसके निलंबन की अवधि से बहाली दिलाने और उसके खिलाफ चल रही विभागीय जांच को समाप्त कराने के बदले में शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा 80 हज़ार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। लंबे समय तक परेशान रहने के बाद आवेदक ने लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाया।
योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई: डिजिटल निगरानी और फौरी दबिश
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त एसपी के निर्देशन में त्वरित सत्यापन किया गया। प्रारंभिक जांच में रिश्वत की मांग के तथ्य पुष्ट होने पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
· पूर्व योजना: लोकायुक्त टीम ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत आवेदक को 80 हज़ार रुपये की राशि (जिसके नोटों को पहले से केमिकल से मार्क किया गया था) देकर आरोपियों के पास भेजा।
· मुठभेड़ का समय: सोमवार रात करीब 9 बजे, तीनों आरोपी पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने एक सुनसान जगह पर आवेदक से मिले और रिश्वत की राशि ले ली।
· रंगे हाथ गिरफ्तारी: जैसे ही आरोपियों ने रकम अपने कब्जे में ली, वैसे ही आसपास ही तैनात लोकयुक्त दल ने घेराबंदी करते हुए तीनों को मौके से ही दबोच लिया। हाथों की केमिकल टेस्ट से रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और भूमिका
लोकायुक्त ने बताया कि तीनों आरोपी शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों पर तैनात हैं और उन्होंने मिलीभगत से यह वसूली की योजना बनाई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपी इस प्रकार हैं:
1. अनिल कुमार साहू (40 वर्ष) – शिक्षक, माध्यमिक शाला भूरी (मुख्य बिचौलिया होने का संदेह)।
2. मनोज कुमार श्रीवास्तव (58 वर्ष) – सहायक ग्रेड-2, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दमोह (कथित तौर पर मास्टरमाइंड)।
3. नीरज कुमार सोनी (45 वर्ष) – सहायक ग्रेड-3, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दमोह (दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप)।
लोकायुक्त का सख्त रुख और आगे की कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। लोकायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, क्योंकि दो आरोपी उसी कार्यालय में तैनात हैं।
ट्रैप टीम और सराहना
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की एवं निरीक्षक रंजीत सिंह ने ट्रैपकर्ता के रूप में अहम भूमिका निभाई। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते पूरी घटना को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सका। सागर लोकायुक्त की पूरी टीम को इस साहसिक और पारदर्शी कार्रवाई के लिए सराहा जा रहा है। यह कार्रवाई प्रदेश के सरकारी तंत्र में साफ-सफाई के लिए एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।