*साड़ियों की दुकान नहीं, तस्करी की कारगर! पुलिस ने खोली पैकिंग की 'पोल'*
*गांजा छुपाने में भी क्रिएटिविटी तस्करों ने किया साड़ियों में 'नशीला ट्राई'*
विशेष रिपोर्टर कटनी। नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस को एक ऐसा मामला मिला है, जिसे देखकर हैरानी भी हो रही है और थोड़ी हंसी भी आ रही है। तस्करों ने गांजा तस्करी के लिए इतना अनोखा तरीका अपनाया कि पुलिस भी दंग रह गई। उन्होंने साड़ियों की पैकिंग के भीतर नशीला माल भर दिया, मानो साड़ी के साथ 'फ्री में नशा' बांट रहे हों।
साड़ी के पीछे छुपा था 1.59 लाख का 'खेल'
शुक्रवार को एनकेजे थाना पुलिस पेट्रोलिंग पर थी। डीजल शेड के पीछे हिरवारा कच्ची रोड पर दो युवक बैग लिए दिखे। पुलिस की गाड़ी देखते ही वह भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
तलाशी में ऊपर से तो साड़ियाँ निकलीं, लेकिन अंदर की परतों से 15 किलो 730 ग्राम गांजा बरामद हुआ। एक बैग से 8 तो दूसरे से 7 पैकेट — कुल कीमत 1,59,300 रुपये। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह खेप छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से लाई जा रही थी।
कौन हैं ये 'साड़ी-सेंटर' तस्कर?
आरोपी: रणजीत सिंह (26) और दीपक लोधी (23) — दोनों दमोह के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत कोर्ट में पेश किया और जेल भेज दिया।
जिन्होंने पकड़ा 'साड़ी-भेद'
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रूपेन्द्र राजपूत, उनि नरेश झारिया, सउनि केवल उइके, और कई अन्य अधिकारियों के साथ साइबर सेल व RPF के जवानों ने अहम भूमिका निभाई।
नशे के खिलाफ यह अभियान जारी है — अब 'साड़ी-तस्करों' पर भी पैनी नज़र!