*RTO और खनिज विभाग का भंडाफोड़ उजागर हुआ*
*अवैध रेत डंपर के साथ पुलिस ने चालक को गिरफ्तार किया*
चीफ एडिटर/जबलपुर जिले में अवैध खनन और रेत परिवहन का मामला लगातार सामने आ रहा है, लेकिन आरटीओ और खनिज विभाग की मूकदर्शिता से ये गतिविधियाँ दिनदहाड़े जारी हैं। तमाम अवैध डंपर और बिगड़े नंबरों वाले वाहनों के धड़ल्ले से चलने के बावजूद आरटीओ विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। हालाँकि, ग्वारीघाट पुलिस ने एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए अवैध रेत परिवहन के एक मामले का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने पकड़ा अवैध हाईवा, चालक गिरफ्तार
ग्वारीघाट थाना प्रभारी श्री हरिकिशन आटनेरे ने बताया कि दिनांक 12 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि एक हाईवा डंपर में बिना रॉयल्टी (राजस्व) चुकाए रेत भरकर भटौली, ग्वारीघाट होते हुए बिग बाजार की ओर जा रहा है।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्गानगर में दबिश दी गई। इसी दौरान हाईवा क्रमांक MP 20 HB 8991 रेत से लदा हुआ आता दिखा। पुलिस ने जैसे ही उसे रोकने का प्रयास किया, वाहन चालक ने तेज रफ्तार से वाहन को विसर्जन कुंड की ओर भगाने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा करके घेराबंदी की और अंततः विसर्जन कुंड के पास ग्वारीघाट में हाईवा को रोक लिया।
चालक ने पूछताछ में खोला राज
पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान राकेश ठाकुर (उम्र 38 वर्ष), निवासी ग्राम गांजर, थाना पनागर के रूप में बताई। जब हाईवा में लोड रेत के संबंध में पूछा गया तो उसने रॉयल्टी या कोई वैध दस्तावेज नहीं होना स्वीकार किया।
चालक ने बताया कि वह बेलखाडू से रेत लाकर वाहन मालिक वकील यादव के कहने पर भटौली, ग्वारीघाट पहुंचा रहा था। यानी यह रेत अवैध रूप से बेलखाडू से निकाली गई और ग्वारीघाट भटौली क्षेत्र में बिना किसी अनुमति के बेची जा रही थी।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने हाईवा चालक राकेश ठाकुर के कब्जे से हाईवा मय रेत के जब्त कर लिया। साथ ही चालक एवं वाहन मालिक वकील यादव के विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई:
· भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 317(5), 3(5)
· खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21(4)
प्रशासनिक लापरवाही क्यों?
गौरतलब है कि जबलपुर जिले में अवैध खनन और रेत परिवहन धड़ल्ले से जारी है। बिना नंबर प्लेट, बिगड़े नंबर और अवैध डंपरों का संचालन आम बात है, लेकिन आरटीओ विभाग इस मामले में पूरी तरह बेखबर या अनजान बना हुआ है। स्थानीय लोगों में रोष है कि केवल पुलिस ही कभी-कभी कार्रवाई कर पाती है, जबकि खनिज विभाग और आरटीओ को चाहिए कि वे लगातार निगरानी कर अवैध खनन पर रोक लगाएँ।
फिलहाल, ग्वारीघाट पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही वाहन मालिक की तलाश भी जारी है।