सीएम डॉ.मोहन यादव की घोषणा पर उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश - Bhaskar Crime

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सीएम डॉ.मोहन यादव की घोषणा पर उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

 MP के कॉलेजों में शहीदों के बच्चों के लिए आरक्षित होगी 1 सीट

सीएम डॉ.मोहन यादव की घोषणा पर उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

चीफ एडिटर भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने देश और राज्य की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों के प्रति एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अब प्रदेश के हर कॉलेज में स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में शहीदों की संतानों और उनकी विधवाओं के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित होगी।

 बड़ा फैसला: हर कॉलेज में एक अतिरिक्त सीट

राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) में शहीद होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की विधवाओं तथा आश्रित बच्चों को कॉलेजों में सीधे प्रवेश का अवसर मिल सकेगा। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों में लागू होगी।

 सुपरन्यूमेरेरी सीट: नियमित सीटों पर कोई असर नहीं

अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) श्री अनुपम राजन ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार यह सीट 'सुपरन्यूमेरेरी' (अतिरिक्त) होगी। इसका अर्थ है:

· कॉलेज में पहले से स्वीकृत नियमित सीटों की संख्या में कोई कटौती या बदलाव नहीं होगा।

· यह आरक्षित सीट नियमित सीटों से अलग जोड़ी जाएगी।

· नियमित छात्रों के प्रवेश पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

 प्रवेश के लिए ये नियम रहेंगे लागू

1 सक्षम प्रमाण-पत्र अनिवार्य पात्र अभ्यर्थियों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

2 ऑनलाइन आवेदन 'कॉलेज चलो अभियान' या ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर एक पृथक श्रेणी में आवेदन करना होगा।

3 प्रति पाठ्यक्रम अधिकतम एक सीट हर कॉलेज के प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम (BA, B.Com, B.Sc आदि) में केवल एक अतिरिक्त सीट होगी।

4 मेरिट के आधार पर चयन यदि एक पाठ्यक्रम में एक से अधिक पात्र उम्मीदवार आवेदन करते हैं, तो चयन मेरिट सूची के आधार पर होगा।

5 सीट ट्रांसफर नहीं होगी यदि किसी पाठ्यक्रम में कोई पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलता है, तो वह सीट खाली छोड़ दी जाएगी। इसे किसी अन्य श्रेणी या सामान्य छात्र को आवंटित नहीं किया जाएगा।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

निम्नलिखित श्रेणियों के शहीदों के आश्रित पात्र होंगे:

1. पुलिस विभाग में शहीद हुए अधिकारी/कर्मचारी

2. होमगार्ड में शहीद हुए कार्मिक

3. नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) में शहीद हुए कार्मिक

लाभार्थी: उपरोक्त श्रेणियों के शहीदों की विधवाएं तथा आश्रित बच्चे।

 सरकार का संवेदनशील कदम

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का यह निर्णय शहीद कर्मियों के परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का उद्देश्य शहीदों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का है।

सरकार के इस फैसले का विभिन्न छात्र संगठनों और नागरिक समाज ने स्वागत किया है। शहीद परिवारों ने इसे एक "सराहनीय और ऐतिहासिक निर्णय" बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद दिया है।

ताजा अपडेट: उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि इस आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए। आगामी शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होगी