रेलवे सिग्नल के 7 मीटर तार की चोरी से अफरातफरी, 19 ट्रेनें ठप, दो महिलाएं गिरफ्तार
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेल सुरक्षा बल को दें
चीफ एडिटर जबलपुर, 19 जून 2026 पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में एक संवेदनशील रेल सुरक्षा घटना ने पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया। सतना-मैहर रेलखंड के अंतर्गत लगरगवां स्टेशन के समीप अज्ञात महिलाओं ने सिग्नलिंग सिस्टम का करीब 7 मीटर लंबा तांबे का तार काटकर चुरा लिया, जिससे रेल यातायात लगभग तीन घंटे तक चरमरा गया। इस दौरान अप एवं डाउन दोनों दिशाओं की कुल 19 रेलगाड़ियों को रुकना पड़ा और उनकी समय-सारणी पूरी तरह प्रभावित हुई।
घटनाक्रम: रंगे हाथ पकड़ी गईं चोर
घटना गुरुवार की सुबह की बताई जा रही है, जब सिग्नल विभाग के कर्मचारी नियमित निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने देखा कि दो संदिग्ध महिलाएं रेलवे ट्रैक के पास सिग्नल के तारों को औजारों से काटकर बोरी में भर रही हैं। कर्मचारियों ने तुरंत रेल सुरक्षा बल (RPF) को सूचना दी। मौके पर पहुंची RPF की टीम ने महिलाओं का पीछा करके उन्हें चोरी किए गए तार एवं काटने के उपकरणों सहित दबोच लिया। इसके बाद रेलवे तकनीकी दल ने क्षतिग्रस्त सिग्नल केबल को जोड़कर संचालन बहाल किया। करीब 3 घंटे के अथक प्रयास के बाद दोपहर बाद रेल यातायात सामान्य हो सका।
प्रभावित रेलगाड़ियाँ: यात्रियों को भारी परेशानी
तार चोरी के कारण अप लाइन पर
· अयोध्या-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस,
· गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस,
· दानापुर-बेंगलुरु,
· दरभंगा-अहमदाबाद,
· वाराणसी-एकता नगर,
· तथा सतना-कटनी मेमू सहित कई यात्री गाड़ियाँ प्रभावित रहीं।
डाउन लाइन पर
· डॉ. अंबेडकर नगर-रीवा,
· लोकमान्य तिलक टर्मिनस-दानापुर विशेष,
· जबलपुर-रीवा शटल,
· साथ ही कई मालगाड़ियाँ बीच रास्ते में रोकनी पड़ीं। सैकड़ों यात्रियों को स्टेशनों पर घंटों इंतजार करना पड़ा, कई ट्रेनों में खाने-पानी की किल्लत भी हुई। रेलवे ने यात्रियों को सूचना देने की कोशिश की, पर हड़बड़ी में कई स्टेशनों पर अफरातफरी मच गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
रेल सुरक्षा बल पोस्ट प्रभारी बीरेन्द्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं की पहचान
· कल्ली उर्फ सुखमंती (55 वर्ष), निवासी उतैली,
· चिद्दी उर्फ चिंतामणि, निवासी संग्राम कॉलोनी,
के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे तार बेचकर कुछ पैसे कमाने के इरादे से यह काम कर रही थीं, लेकिन उन्हें इसके खतरनाक परिणामों का अंदाजा नहीं था। हालाँकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह घटना जानबूझकर ट्रेन सेवा को बाधित करने के लिए भी हो सकती है, इसलिए सभी पहलुओं पर जाँच की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। रेलवे ने सख्त कार्रवाई की बात कही है, क्योंकि सिग्नल तार चोरी से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि ट्रेनों के टकराने का भी गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। RPF ने आसपास के इलाकों में कबाड़ियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति पर रोक लगाई जा सके।
रेलवे का संदेश
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेल सुरक्षा बल को दें। साथ ही, रेलवे ने चेतावनी दी है कि रेल संपत्ति को नुकसान पहुँचाना गंभीर अपराध है, जिसमें 10 साल तक की कैद और भारी जुर्माना हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, और विभाग अब तारों की नियमित निगरानी व सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
