*उत्तराखंड में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, केदारनाथ यात्रा बीच रास्ते में रोकी गई*
(Manoj Vishwakar= chief had)
*केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और भूस्खलन की आशंका*
देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट बदली है। राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। खासतौर पर केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और भूस्खलन की आशंका के चलते प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए यात्रा को बीच में ही रोकने का निर्णय लिया है।
यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रोका गया
रुद्रप्रयाग जिले में मौसम के मिजाज बिगड़ने के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया है। सभी श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। उन्हें निर्धारित होल्डिंग स्थलों (प्रतीक्षा क्षेत्रों) में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक किसी भी तीर्थयात्री को केदारनाथ की ओर नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
इन क्षेत्रों में रहेगी विशेष निगरानी
प्रशासन ने खासतौर पर सोनप्रयाग, गौरीकुंड और आसपास के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सेक्टर अधिकारियों को तैनात किया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:
· किसी भी श्रद्धालु को मौसम सामान्य होने से पहले आगे न जाने दिया जाए।
· सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए।
· भूस्खलन वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
रुद्रप्रयाग में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, रुद्रप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज आंधी-तूफान आने की संभावना है। ऐसे में मार्गों पर मलबा गिरने और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ही यह फैसला लिया गया है।
यात्रा कब फिर शुरू होगी?
प्रशासन का कहना है कि जैसे ही मौसम सामान्य होगा और सभी मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिए जाएंगे, केदारनाथ यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। तीर्थयात्रियों से अनुरोध है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और होल्डिंग एरिया में ही रहें। बिना अनुमति के आगे बढ़ने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
तीर्थयात्रियों के लिए सलाह
· मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें।
· बारिश और तूफान के दौरान बाहर न निकलें।
· होल्डिंग क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं का ही उपयोग करें।
· किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
फिलहाल, सुरक्षा ही सर्वोपरि है। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और यात्रा शुरू होते ही इसकी सूचना दे दी जाएगी।