पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में निरीक्षकों एवं समकक्ष अधिकारियों जानकारी मांगी - Bhaskar Crime

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पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में निरीक्षकों एवं समकक्ष अधिकारियों जानकारी मांगी

*प्रदेशभर में निरीक्षकों एवं समकक्ष अधिकारियों के आचरण और सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा शुरू*

*PHQ का एक्शन अभियान निरीक्षकों एवं अधिकारियों की जन्म कुंडली मांगी*

विशेष रिपोर्टर भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रदेशभर में पदस्थ 253 निरीक्षकों एवं समकक्ष अधिकारियों के आचरण और सेवा रिकॉर्ड की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। 16 जून 2026 को जारी इस आदेश में सभी पुलिस इकाइयों से उन अधिकारियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है, जिनके खिलाफ कोई विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण या प्रभावशील दंड (यानी लागू सजा) लंबित या दर्ज है।

 किन अधिकारियों से क्या जानकारी मांगी गई?

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ वर्तमान या पूर्व पदस्थापना के दौरान कोई विभागीय जांच, आपराधिक मामला या दंडात्मक कार्रवाई (जैसे फटकार, वेतन कटौती आदि) लंबित या प्रभावशील है, तो उसकी पूरी रिपोर्ट आरोप पत्र और दंड आदेश की छायाप्रति के साथ अनिवार्य रूप से भेजी जाए।

किसे और कब तक भेजनी है रिपोर्ट?

यह आदेश लोकायुक्त संगठन, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, सभी पुलिस महानिरीक्षक (IG), पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को जारी किया गया है। सभी इकाइयों को यह जानकारी 25 जून 2026 तक निर्धारित प्रारूप में ई-मेल और विशेष वाहक (स्पेशल मैसेंजर) के माध्यम से मुख्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

 क्यों जुटाई जा रही है यह जानकारी?

सूत्रों के अनुसार, यह कवायद मुख्य रूप से सेवा अभिलेखों (service records) को अपडेट करने के साथ-साथ भविष्य में होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई, पदस्थापना (तबादला) और पदोन्नति को ध्यान में रखकर की जा रही है। इस आदेश के बाद पूरे पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इसका सीधा असर कई अधिकारियों के करियर पर पड़ सकता है। गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय पहले भी संवेदनशील पदों पर 'दागी' अधिकारियों की तैनाती रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी कर चुका है।