रुस्तम’ बने ये नौ वीर रत्न पुलिस अधिकारियों को मिला अनोखा सम्मान, - Bhaskar Crime

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रुस्तम’ बने ये नौ वीर रत्न पुलिस अधिकारियों को मिला अनोखा सम्मान,

"रुस्तम बने ये नौ वीर रत्नों" के पुलिस अधिकारियों को मिला अनोखा सम्मान, बोले महापौर- ‘सजग प्रहरी हैं ये’

गुंजन कला सदन द्वारा नौ कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और तलवार से किया अलंकृत

चीफ एडिटर जबलपुर (संस्कारधानी)। शहर के इतिहास में यह दिन एक मील का पत्थर बन गया, जब गुंजन कला सदन मध्यप्रदेश ने अपनी अनूठी पहल के तहत उन नौ पुलिस अधिकारियों को ‘रुस्तम जी पुरुस्कार’ से विभूषित किया, जिन्होंने अपने कर्तव्यपालन में न सिर्फ जान की बाजी लगाई, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को अपने जीवन का ध्येय बनाया। यह आयोजन न केवल सम्मान समारोह था, बल्कि पुलिस और जनता के बीच अटूट विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा।

‘जब तक पुलिस जागती है, तब तक समाज सुरक्षित’

समारोह के मुख्य अतिथियों में महापौर जगत बहादुर सिंह, विधायक अजय विश्नोई, DIG अतुल सिंह जबलपुर, पूर्व DIG  मनोहर वर्मा तथा कार्यकारी अध्यक्ष हिमांशु तिवारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में महापौर ने कहा,

“सीमा पर जवान देश की रक्षा करते हैं, तो शहरों में पुलिसकर्मी नागरिकों की चैन की नींद की रक्षा करते हैं। ये सजग प्रहरी ही हैं, जिनकी वजह से हम निर्भय होकर जीते हैं। आज इन वीरों का अभिनंदन करना हम सबके लिए गर्व का विषय है।”

विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि इस तरह के सम्मान से पुलिस विभाग का मनोबल बढ़ता है और युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। DIG अतुल सिंह ने सभी सम्मानित अधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि ‘रुस्तम’ की उपाधि साहस, ईमानदारी और जनसेवा का प्रतीक है।

नौ वीर रत्न, जिन्होंने जीतीं जनता की दुआएँ

इस अवसर पर जबलपुर और अन्य शहरों में अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सूझबूझ और बहादुरी के लिए चर्चित नौ अधिकारियों को श्रीफल, शाल, माला, प्रशस्ति पत्र और विशेष रूप से शौर्य प्रतीक तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

1. श्री राजेश तिवारी (पूर्व AIG)

2. श्री गोपाल खण्डेल (पूर्व Additional SP)

3. श्रीमती भावना मरावी (Addl. SP रेल्वे)

4. श्री प्रभात शुक्ल (पूर्व CSP)

5. श्री रवीन्द्र गौतम (पूर्व DSP)

6. श्री राजेन्द्र बागारी (पूर्व निरीक्षक)

7. श्री नरेन्द्र मिश्रा (निरीक्षक)

8. श्री जयप्रकाश आर्य (RI)

9. श्री जय कुमार चौधरी (कांस्टेबल)

इन सभी अधिकारियों ने अपनी सेवा अवधि में अनेकों बार जानोखतर जोखिम उठाए, चोरी-लूट की घटनाओं को किया बेनकाब और आमजन के बीच पुलिस की छवि को सकारात्मक बनाया।

कार्यक्रम की रूपरेखा: दीप प्रज्ज्वलन से लेकर तलवार भेंट तक

समारोह की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष श्री सनत जैन, लायन नरेन्द्र जैन,  प्रतुल श्रीवास्तव, विजय जायसवाल और  विनोद यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। इसके बाद डांस फैमिली के कलाकारों ने मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

स्वागत पुष्प-गुच्छ एवं आभार जताने वालों में  अभय जैन, पंकज शाह, सुनील श्रीवास्तव, आलोक पाठक, डॉ. रजनीश गर्ग, राजीव गुप्ता, लायन उमेश जैन, लायन यशवंत सेंगर, रमाकांत गौतम, इंजी. प्रदीप जैन, अभिजीत राय, अखिल मदान, सुमेश सराफ ने विशेष भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री प्रतुल श्रीवास्तव एवं राजेश पाठक ‘प्रवीण’ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कार्यकारी अध्यक्ष  हिमांशु तिवारी ने किया।

नागरिक समाज ने भी बढ़ाया हौसला

इस अवसर पर पीपल वाला मित्र मंडली, हनुमान मंदिर समिति कछियाना, स्मारक पथ व्यापारी संघ, पायलवाला ग्रुप तथा बलदाऊ जी मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने विशेष रूप से पूर्व एडिशनल एसपी राजेश तिवारी को शौर्य प्रतीक तलवार एवं सम्मान पत्र भेंट कर उनके साहसिक कार्यों को सलाम किया। गणमान्य नागरिकों ने कहा कि ऐसे सम्मानों से अन्य अधिकारियों को भी निष्ठा व कर्तव्यपालन की प्रेरणा मिलती है।

     "क्या है ‘रुस्तम जी पुरुस्कार’"

गुंजन कला सदन द्वारा स्थापित यह पुरुस्कार उन पुलिस कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने जीवन में अद्वितीय साहस, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण का परिचय दिया हो। इस बार चयन समिति ने पूरे प्रदेश में जाँच-पड़ताल के बाद इन नौ वीर रत्नों को इसके लिए चुना।

माहौल उत्साहित, हर कोई बोला- ‘ये हैं असली हीरो’

कार्यक्रम के दौरान पूरा शहीद स्मारक गोल बाजार सभागार में ‘जय जवान, जय किसान’ और पुलिस अधिकारियों के नाम के जयघोष से गूंजता उठा उपस्थित छात्रों, युवाओं और महिलाओं ने इन अधिकारियों के साथ  सेल्फी  लिए 

पूर्व DIG मनोहर वर्मा ने कहा,“ऐसे समारोह पुलिस और समाज के बीच की खाई को पाटते हैं। हमें गर्व है कि जबलपुर ने इन वीरों को उनका उचित सम्मान दिया।”

नोट: यह कार्यक्रम गुंजन कला सदन मध्यप्रदेश के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य कला, संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में काम करने वालों को मंच देना है। आयोजकों ने अगले वर्ष भी इस परंपरा को जारी रखने का संकल्प लिया।

फोटो कैप्शन:

महापौर, विधायक, DIG एवं अन्य गणमान्यों के साथ सम्मानित नौ पुलिस अधिकारी। सभी को तलवार, शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया।