तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा का कब्ज़ा, कांग्रेस की उम्मीदवार का नामांकन रद्द 
बिना दंगल के जीत, बिना वोट के बाजी: MP की राज्यसभा सीटों पर BJP की हैट्रिक
तीनों उम्मीदवारों को 'विरोध-मुक्त' प्रमाणपत्र
चीफ एडिटर भोपाल। राज्यसभा चुनाव का नाम सुनते ही आमतौर पर नंबरों का खेल, क्रॉस वोटिंग और घुटने-तोड़ सियासत याद आती है, लेकिन मध्य प्रदेश में तो अपवाद देखने को मिला। बगैर मतदान के, बगैर पसीना बहाए, BJP के तीनों दावेदारों ने राज्यसभा में जगह पक्की कर ली। हाँ, बिल्कुल सही पढ़ निर्विरोध, मतलब जैसे कोई प्रतियोगी ही नहीं बचा!
दरअसल, BJP ने तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को मैदान में उतारते ही कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन के साथ लोहा मांगा तो था, लेकिन अंत में उनका नामांकन ही कागजों के जाल में फंसकर रह गया। जैसे ही नामांकन रद्द हुआ, 18 जून के मतदान की बड़ी ड्रमशैज़ फिर से फाइल में चली गई।
विधानसभा परिसर में तो मानो उत्सव जैसा माहौल था। रिटर्निंग ऑफिसर ने जैसे ही तीनों को निर्वाचन प्रमाण पत्र थमाया, BJP खेमे में फुल्ली मिल गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे "प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की विजय" तो बताया ही, साथ ही कहा"ये 'अंत्योदय' का असर है, जहाँ हर वोट स्वतः भाजपा की ओर चल पड़ता है।"
तो अब कहानी छोटी सी है: MP की तीनों राज्यसभा सीटें बिना EVM की बीप सुनाए, बिना हार-जीत के आंकड़े गिनाए, चुपचाप BJP के खाते में आ गईं। कांग्रेस शायद अभी कलम और नामांकन पर्चे पर रिवाइज कर रही है कि कहाँ गड़बड़ी हो गई।
मज़ेदार बात: इतनी आसानी से सीटें जीतने वाले ही शायद मध्य प्रदेश के ये तीनों उम्मीदवार हैं, जिन्हें कभी मतदान के लिए लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ा।
जश्न ऐसा कि विधानसभा परिसर में बजे ‘भोपाली ठुमके’
जैसे ही रिटर्निंग ऑफिसर ने तीनों को जीत का प्रमाण-पत्र थमाया, वैसे ही भाजपा विधायकों ने खुशी से ठुमके लगा दिए। मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल ने तो ऐसे गले लगाया जैसे ट्रॉफी जीत ली हो। मुख्यमंत्री ने कहा – “यह तो मोदी जी की नीतियों का चमत्कार है और अंत्योदय विचारधारा का ट्रंप कार्ड!” अब अमीर-गरीब की टेंशन छोड़ो, बस भाजपा की बहार देखो।
अब 18 जून को वोटिंग कैंसिल, भोपाल में ‘छुट्टी’ घोषित?
क्योंकि तीनों सीटें बिना लड़ाई मिल गईं, इसलिए 18 जून को होने वाला मतदान कैंसिल। यानी उस दिन कांग्रेस कार्यकर्ता चाय की दुकान पर बैठेंगे और भाजपाई मिठाई बाँटेंगे।
मध्य प्रदेश से बने तीन नए राज्यसभा सांसद – बिना पसीना बहाए, बिना भाषण दिए, निर्विरोध!