अवैध कैबिन कल्चर पर शिकंजा, पुलिस-नगर निगम ने 25 कैफे-रेस्टोरेंट में कारवाई, पांच को सील किया 
चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज / जबलपुर शहर में बढ़ती अनैतिक गतिविधियों और अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और नगर निगम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय (भा.पु.से.) के सख्त निर्देशों पर शहर के विभिन्न इलाकों में चलाए गए इस विशेष अभियान में 25 से अधिक कैफे और रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया। ये सभी प्रतिष्ठान बिना वैध अनुमति के 'घंटेवार कैबिन' चलाकर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए।
पिछले कुछ समय से जबलपुर के कई कैफे और रेस्टोरेंट में "कैबिन सिस्टम" के नाम पर लोगों को घंटे के हिसाब से कमरे उपलब्ध कराए जा रहे थे, जो कानूनन अवैध है। ये जगहें शिक्षित युवाओं और असामाजिक तत्वों की अड्डा बन गई थीं, जहाँ अक्सर आपत्तिजनक माहौल और अनैतिक लेन-देन की शिकायतें मिल रही थीं। खासतौर पर रात्रि के समय इन प्रतिष्ठानों पर पुलिस को कई नियमों के उल्लंघन की सूचनाएं प्राप्त हुईं।
किन-किन नेताओं के निर्देशन में हुई कार्रवाई?
यह मेगा अभियान जबलपुर पुलिस की टॉप लीडरशिप और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में चलाया गया। टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों में शामिल थे:
.आयुष जाखड़ (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर)
· श्रीमती अनु बेनिवाल (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण)
· सौरभ मिश्रा (अपर आयुक्त, नगर निगम)
इन अधिकारियों की देखरेख में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी की।
किन इलाकों में हुई कार्रवाई? (फोकस क्षेत्र)
अभियान के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित थाना क्षेत्रों और स्थानों पर छापेमारी की गई:
थाना क्षेत्र सील किए गए कैफे/रेस्टोरेंट
ओमती डी.एक्स कैफे (रसल चौक), एरिक कैफे
अधारताल (अमखेरा) 25 कैफे (प्रमुख लक्ष्य)
माढोताल (खिजरी खिरिया) सैम कैफे, कैफे चैप्टर वन
इन सभी जगहों पर कैबिन बनाकर अलग-अलग किराए पर लोगों को प्रवेश देने की व्यवस्था पाई गई, जो बिल्डिंग एक्ट और खाद्य सुरक्षा नियमों का घोर उल्लंघन था।
क्या पाया गया और क्यों सील किया?
जब टीमों ने इन कैफे की तलाशी ली तो पाया कि:
· बिल्डिंग नियमों के खिलाफ अवैध निर्माण किया गया था।
· बिना फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एक्जिट के लोगों को रखा जा रहा था।
· बिना किसी पहचान पत्र या प्रवेश लॉग के युवक-युवतियों को घंटे के हिसाब से कैबिन देने का काम हो रहा था।
· कई जगहों पर शराब और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन के भी साक्ष्य मिले।
इन सभी गंभीर अनियमितताओं के चलते नगर निगम ने बिल्डिंग एक्ट के तहत तुरंत प्रभाव से सभी 25 कैफे को सील करने की कार्रवाई की। संबंधित संचालकों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का बयान
एएसपी सिटी आयुष जाखड़ ने बताया, "हमें स्थानीय लोगों
और गुप्त सूचनाओं के आधार पर यह शिकायतें मिल रही थीं कि कैफे के नाम पर अनैतिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। एसपी साहब के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई है। आगे भी इस तरह के प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जाएगी।"
नगर निगम के अपर आयुक्त श्री सौरभ मिश्रा ने कहा, "भवन नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन भी प्रतिष्ठानों ने बिना अनुमति अवैध निर्माण या कैबिन बनाए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।"
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई का आम नागरिकों और अभिभावकों ने स्वागत किया है। कई लोगों ने राहत व्यक्त की कि अब उनके बच्चे इन संदिग्ध जगहों पर जाने से बचेंगे। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "बहुत दिनों से इन कैफे के चलते मोहल्ले में असुरक्षा का माहौल था, पुलिस ने सही काम किया है।"
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह अभियान अब अन्य थाना क्षेत्रों में भी बढ़ाया जाएगा। जिन संचालकों के खिलाफ सीलिंग की गई है, उनसे पूछताछ की जा रही है कि क्या इसके पीछे कोई और बड़ा सिंडिकेट या चेन भी है। अधिकारियों का साफ कहना है कि "कोई भी अवैध गतिविधि चाहे वह कैफे, रेस्टोरेंट या होटल के नाम पर हो, बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
यह कार्रवाई जबलपुर पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है और अन्य शहरों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि कानून की नजर से कोई नहीं बच सकता।