*पत्नी व सौतेली बेटी की निर्मम हत्या का दोषी ठहराया गया, पति-सौतेले पिता को फाँसी की सज़ा
न्यायालय ने बेरहमी से कुल्हाड़ी से वार कर दो जान लेने वाले आरोपी को मृत्युदंड सुनाया
चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर, 24 जुलाई 2026 जिला एवं सत्र न्यायालय, माननीय न्यायाधीश राजेश कुमार यादव ने आज एक ऐतिहासिक फैसले में थाना बरगी क्षेत्र के सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के आरोपी रामजी मूमिया को फाँसी की सज़ा एवं अर्थदंड से दंडित किया। यह निर्णय आज दिनांक 24 जुलाई 2026 को अपराह्न में सुनाया गया।
यह मामला थाना बरगी के अपराध क्रमांक 251/2025 एवं सत्र प्रकरण क्रमांक 463/2025 से जुड़ा है। आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103(1) (हत्या) के तहत दोषी पाते हुए न्यायालय ने कड़ी से कड़ी सज़ा सुनाई।
घटना की संक्षिप्त पृष्ठभूमि
घटना 6 जून 2025 की रात की है। फरियादी आशीष मूमिया (पीड़ित महिला का पुत्र) ने थाना बरामी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी माँ राधा मूमिया, बहन महक मूमिया एवं सौतेले पिता रामजी मूमिया के साथ बसंत नगर, बरामी में रहता था।
परिवार की पृष्ठभूमि राधा मूमिया का पहले विवाह चाँदमेटा निवासी रसीद शाह से हुआ था, जिससे तीन संतानें थीं आशीष, तीसीक (बड़ा भाई) एवं महक (छोटी बहन)। लगभग 10-12 वर्ष पूर्व रसीद शाह ने राधा को छोड़ दिया था, जिसके बाद उन्होंने रामजी मूमिया से विवाह कर लिया। आशीष और महक माँ के साथ रहते थे, जबकि तीसीक अपने पिता के साथ रहता था।
कैसे हुई घटना
6 जून 2025 की रात लगभग 9:30 बजे आशीष कलारी के पास दिलीप झारिया की दुकान पर खड़ा था। तभी उसे बहन महक का फोन आया "जल्दी घर आओ, ये लोग लड़ रहे हैं।"
आशीष घर पहुँचा तो उसने माँ और रामजी को आपस में झगड़ते देखा। उसने दोनों को समझाया और घर के बाहर आ गया। कुछ ही देर बाद उसे महक के चीखने की आवाज़ सुनाई दी। जब वह दौड़कर घर के पिछले हिस्से में पहुँचा, तो उसने देखा कि उसकी माँ राधा और बहन महक खून से लथपथ ज़मीन पर पड़ी हैं, जबकि रामजी हाथ में कुल्हाड़ी लिए खड़ा था जो वहाँ से फरार हो गया।
चोटों की गंभीरता:
· राधा के बाएँ कान, सिर, गले एवं दाएँ सिर पर गहरे वार अत्यधिक रक्तस्राव
· महक के सिर के मध्य भाग पर गहरी चोट भीषण रक्तस्राव
पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस एवं एम्बुलेंस को सूचना दी। घायलों को मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने राधा को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल महक ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस कार्रवाई एवं विवेचना
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देहाती मर्ग क्रमांक 0/25 पंजीबद्ध किया एवं धारा 103(1), 109(1) BNS के तहत अपराध क्र. 251/25 दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।
मामले की विवेचना का नेतृत्व किया —
· निरीक्षक कमलेश चौरिया
· निरीक्षक जितेन्द्र पाटकर
. एएसआई सविता पटेल
दोनों अधिकारियों ने साक्ष्य, घटनास्थल निरीक्षण, फोरेंसिक रिपोर्ट एवं गवाहों के बयानों को संकलित करते हुए आरोप-पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अभियोजन की पैरवी एवं न्यायालय का फैसला
इस संवेदनशील मामले में अभियोजन का मार्गदर्शन —
· उप-निर्देशक (अभियोजन) के.एस. मुलेल
· सहायक निर्देशक/जिला अभियोजन अधिकारी अभिषेक दीक्षित
मामले की पैरवी श्रीमती बबिता कुल्हारा नागदेव (विशेष लोक अभियोजक) ने बेहद सशक्त एवं प्रभावी तर्कों के साथ की। उन्होंने न्यायालय को यह विश्वास दिलाया कि यह हत्या निर्मम, पूर्वचिन्तित एवं समाज के लिए चौंकाने वाली थी, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी और सौतेली बेटी की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर डाली।
माननीय न्यायाधीश राजेश कुमार यादव ने अभियोजन के तर्कों से सहमति जताते हुए आज 24 जुलाई 2026 को आरोपी रामजी मूमिया को:
धारा 103(1) BNS (दोहरी हत्या) के तहत फाँसी की सज़ा
अर्थदण्ड (आर्थिक जुर्माना)
सुनाई। यह निर्णय न्यायपालिका की गंभीरता एवं पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
विशेष बात: यह फैसला BNS 2023 की धारा 103(1) के अंतर्गत दी गई पहली बड़ी मृत्युदंड की सज़ाओं में से एक है, जिसने पूरे जबलपुर जिले में चर्चा पैदा कर दी है। न्यायालय ने इसे "दुर्लभतम से दुर्लभतम" मामला बताते हुए कड़ी सज़ा सुनाई।