नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा में 108 स्वर्ण कलशों की परिक्रमा, राधा-कृष्ण को बांधी पहली राखी - Bhaskar Crime

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नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा में 108 स्वर्ण कलशों की परिक्रमा, राधा-कृष्ण को बांधी पहली राखी

नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा में 108 स्वर्ण कलशों की परिक्रमा, राधा-कृष्ण को बांधी पहली राखी

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर/भेड़ाघाट  सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट से नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान नर्मदा स्वर्ण कलश की 108 परिक्रमा करते हुए भगवान राधा-कृष्ण को पहली राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया गया ।

चातुर्मास विश्राम की बेला में विशेष आयोजन

बता दें कि नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा चतुरमास विश्राम की बेला में 4 माह के लिए चातुर्मास विश्राम होता है। इसी कड़ी में आज हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट के संस्थापक स्वामी रामचंद्र दास जी महाराज ने भगवान राधा-कृष्ण को राखी बांधकर रक्षाबंधन का शुभारंभ किया।

संकीर्तन के साथ हुई 108 परिक्रमा

संकीर्तनचार्य सुरेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में संकीर्तन करते हुए भगवान राधा-कृष्ण लड्डू गोपाल एवं तुलसी मैया की एक साथ 108 परिक्रमा की गई। यह आयोजन नर्मदा चैतन्य महाप्रभु संकेतन मंडल के अध्यक्ष विनोद दीवान एवं दुर्गा पटेल के सानिध्य में संपन्न हुआ ।

नशा मुक्ति और स्वच्छ नर्मदा का संकल्प

इस अवसर पर सभी भक्तों ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया एवं नर्मदा स्वच्छ रहे इसकी कामना की। उन्होंने सभी से अपील की कि नर्मदा मैया की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस आयोजन में नर्मदा महाआरती के संस्थापक एवं परिक्रमा अध्यक्ष डॉ. सुधीर अग्रवाल, परिक्रमा संरक्षक श्रीमती सुषमा शंकर पटेल, सह-संकीर्तनाचार्य श्याम मनोहर पटेल, मनोज गुलाबबानी, विनोद विश्वकर्मा, शिव कुमार पटेल, छन्नू राम पटेल, लालजी पटेल, कैलाश विश्वकर्मा, गुड्डू नेता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे ।

नियमित परिक्रमा का क्रम

उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह की पूर्णिमा को हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट से नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा निकाली जाती है। इसका समापन विशाल भंडारे के साथ होता है। परिक्रमा मार्ग में बेनगंगा पुल, पंचवटी, 64 योगिनी, धुआंधार, कल्याण तपोवन, लामेटा घाट, शनि मंदिर सहित कई पवित्र स्थल शामिल हैं ।