475 करोड़ की टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का शिलान्यास, - Bhaskar Crime

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475 करोड़ की टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का शिलान्यास,

मध्यप्रदेश को रक्षा क्षेत्र में बड़ी सौगात राजनाथ सिंह और सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया भूमि-पूजन

475 करोड़ की टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का शिलान्यास

जबलपुर बनेगा डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का हब, सेना को मजबूत करने में मध्यप्रदेश निभाएगा अहम भूमिका

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व से एक दिन पूर्व संस्कारधानी जबलपुर से भारतीय सेना की शक्ति को नई ऊर्जा देने वाली एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई है। आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVNL) की व्हीकल फैक्ट्री, जबलपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन एवं शिलापट्ट का अनावरण किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना न केवल भारतीय सेना को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि मध्यप्रदेश को देश के रक्षा विनिर्माण मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा: समय बदल रहा है, अब हम खुद के दम पर दुश्मन का सामना करेंगे

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "रक्षाबंधन उत्सव से एक दिन पहले जबलपुर से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।"

उन्होंने गर्व के साथ कहा कि जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने अपने कर्म और उत्कृष्टता के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा नीतियाँ बदल रही हैं और मध्यप्रदेश इस बदलाव का अहम हिस्सा बन रहा है। "भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए और सेना की मजबूती के लिए मध्यप्रदेश में स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। आज जबलपुर को करीब 475 करोड़ रुपए से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है, जो रक्षा के परिदृश्य को पूरी तरह बदलकर रख देगी।"

डॉ. यादव ने जबलपुर की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती, वीर शहीद राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की वीरगाथाएँ इस धरती को ऊर्जा देती हैं। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, "हम सब जानते हैं कि रानी दुर्गावती का युद्ध और लगातार उनकी विजय का सिलसिला तकनीक की कमी के कारण टूट गया था, जब विरोधी नए हथियार और तोप लेकर आए थे। आज हम उस गलती को नहीं दोहराएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम तकनीक में सबसे आगे हैं और अपने जवानों को दुनिया का सबसे बेहतर युद्ध उपकरण देंगे।"

राजनाथ सिंह ने कहा: आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम, जबलपुर बनेगा डिफेंस हब

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस परियोजना को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, "आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। डायनैमिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है।"

राजनाथ सिंह ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 16 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश से डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो रही हैं, जो राज्य की सकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "यह प्रयास मध्यप्रदेश को भविष्य में स्पेस, एयरो और डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का एक मजबूत हब बनाने की नींव रख रहा है।"

रक्षा मंत्री ने वैश्विक युद्ध तकनीक पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक के इस दौर में भी टैंकों की प्रासंगिकता समाप्त नहीं हुई है। "टैंक ग्राउंड ऑपरेशन में जवानों के लिए आयरन वॉल की तरह काम करते हैं। इसीलिए हम अपने टैंकों को नई तकनीक से लैस करके अपडेट कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट न केवल सेना को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर भी पैदा करेगा।"

रक्षा क्षेत्र में भारत की उड़ान: 2014 से अब तक का बड़ा बदलाव

राजनाथ सिंह ने भारत की रक्षा उपलब्धियों का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में देश का घरेलू रक्षा उत्पादन मात्र 46 हज़ार करोड़ था, जो आज बढ़कर 1 लाख 80 हज़ार करोड़ हो गया है। इसी तरह, रक्षा निर्यात 1000 करोड़ से बढ़कर अब 39 हज़ार करोड़ तक पहुंच गया है, और सरकार का लक्ष्य 2030 तक इसे 50 हज़ार करोड़ पार कराना है। उन्होंने गर्व से कहा कि भारत ने अपनी कुल टैंक ओवरहॉल क्षमता बढ़ाकर अब प्रतिवर्ष 230 कर दी है।

आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

इससे पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने राज्य की प्रगति का रोडमैप पेश करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश का विदेशी निर्यात अब 76 हज़ार करोड़ से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा, "प्रदेश में औद्योगिक निवेश की गंगा बह रही है। कल ही मालनपुर में 400 करोड़ रुपए की गोदरेज समूह की फैक्ट्री का लोकार्पण किया गया है। शिक्षा, रोजगार और निवेश के हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।" उन्होंने हाल में विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सभी धर्मों के लोगों को समान अवसर और अधिकार प्रदान करेगा।

युवाओं को अवसर, देश को सुरक्षा

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। "हमारे नौजवान विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। जरूरत उन्हें सही तकनीक, अवसर और ईको-सिस्टम देने की है। जबलपुर की यह परियोजना उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। हमें अब रक्षा के मामले में किसी पर निर्भर नहीं रहना है, हम खुद के दम पर हथियार बनाएंगे और दुनिया को रक्षा विनिर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बनाएंगे।"