*रात्रि में मुखबिर की ‘खुफिया’ सूचना से क्राइम ब्रांच का एक्शन दौ आरोपीयों को गिरफ्तार किया*
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नरसिंह मंदिर के पीछे बस्ती में दबिश, दो शातिर बदमाश पुलिस हिरासत में
*एक के पास मैगजीन के साथ देसी पिस्टल, दूसरे के पास जिंदा कारतूस*
*ड्रोन-टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि इस बार ‘ई-साक्ष्य’ ऐप से कैद हुआ पूरा खेल पुलिस की बड़ी सफलता*
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। जिला में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जबलपुर क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और सूझबूझ का परिचय दिया है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय एवं एडिशनल एसपी अपराध जितेंद्र सिह, एडिशनल एसपी शहर आयुष जाखड़, के सख्त दिशा-निर्देशन में क्राइम ब्रांच और मदनमहल थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मंगलवार की रात उस वक्त बड़ी कार्रवाई की, जब गश्त पर तैनात टीम को एक गुप्त सूचना मिली।
रात 9 बजे मचा बस्ती में हड़कंप: रात्रि का समय। क्राइम ब्रांच जबलपुर की टीम चीतापैट्रोलिंग (सीपी) ड्यूटी में जुटी हुई थी। तभी एक मुखबिर ने क्राइम ब्रांच को फोन पर बताया कि “नरसिंह मंदिर के पीछे टपरिया बस्ती, महानंदा इलाके में दो संदिग्ध युवक संदिग्ध हालत में घूम रहे हैं। उनके पास शस्त्र हो सकते हैं।”
इस सूचना ने पूरी टीम की नींद उड़ा दी। बिना समय गंवाए, तुरंत थाना प्रभारी धीरज राज मदनमहल को मोबाइल के जरिए अलर्ट किया। कुछ ही पलों में मदनमहल पुलिस की टुकड़ी मौके पर पहुंची और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर पिंजरा सा घेरा बना लिया।
तलाशी में खुला ‘हथियारों का खेल’
संदिग्धों ने पुलिस को आता देख भागने की कोशिश की, लेकिन चप्पे-चप्पे पर घेराबंदी होने के कारण वे नाकाम रहे। सख्ती से की गई तलाशी में उनके पास से कुछ ऐसा निकला जिसने पूरी टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं, साथ ही उनकी सक्रियता पर मुहर लगा दी।
· आरोपी नंबर 1: आकर्ष सिंह उर्फ लड्डू ठाकुर (25), पिता स्व. रमेश सिंह ठाकुर, निवासी महानंदा (चिमनी प्लांट के पास)
· बरामदगी: 1 देसी पिस्टल मय मैगजीन (जो पूरी तरह फायरिंग पोजीशन में मिली)
· आरोपी नंबर 2: आयुष जैन उर्फ कल्लू (19), पिता प्रमोद जैन, निवासी सैनिक सोसायटी, शारदा चौक, गढ़ा
· बरामदगी: 1 जिंदा कारतूस (जिसे वह जेब में छिपाकर घूम रहा था)
दोनों युवकों ने मौके पर हथियार रखने का कोई वैध लाइसेंस पेश नहीं किया। पूछताछ में युवक टर-टर कर बोले, लेकिन उनकी दास्तान पुलिस को खराब लगी।
टेक्नोलॉजी बनी गवाह ‘ई-साक्ष्य ऐप’ से वीडियोग्राफी
पुराने जमाने की पुलिसिंग को छोड़कर, इस बार जबलपुर पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य को प्राथमिकता दी। मौके पर मौजूद टीम ने तुरंत ई-साक्ष्य ऐप के जरिए पूरी तलाशी और बरामदगी की वीडियोग्राफी कराई। इस वीडियो में हथियार किस आरोपी के पास से मिले, किसने कब कबूल किया, सब कुछ स्पष्ट रूप से कैद हो गया, जिससे अदालत में पेश साक्ष्य मजबूत हो सकेंगे।
कानून का शिकंजा कौन सी धाराएं लगीं
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना मदनमहल में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध (जप्ती दर्ज) कर लिया है। जप्त किए गए पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूस को मालखाना में सुरक्षित रखवा दिया गया है। अब पुलिस इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि ये हथियार किसके सप्लाई चेन का हिस्सा हैं और क्या इन युवकों का किसी बड़े गिरोह या सुनियोजित वारदात से तो लिंक नहीं है
इस पूरी कार्रवाई में इन वीरों का रहा अहम योगदान:
क्राइम ब्रांच जबलपुर की इस सफलता में एसआई अनिल पाण्डे, एसआई गोपाल सिंह की कुशल नेतृत्व क्षमता सराहनीय रही। इसके अलावा, प्रधान आरक्षक रुस्तम अली, जावेद अहमद, प्रदीप तेकाम, आरक्षक राजेश म्हात्रे, अजीत सिंह, आदित्य सिंह और गोविन्द सिंह लोधी ने घेराबंदी और तलाशी में अहम भूमिका निभाई।
क्राइम ब्रांच की चेतावनी: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जबलपुर को हथियार मुक्त बनाने के लिए यह अभियान और तेज किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या अवैध हथियार रखने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है और पूछताछ जारी है
‘ताबड़तोड़’ कार्रवाई से सनसनी, जबलपुर में हथियार तस्करों की धड़कनें बढ़ीं!
