अपराधी प्रवृत्ति के यूट्यूब पर हो जाएं सावधान नहीं तो जाना पड़ेगा जेल - Bhaskar Crime

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अपराधी प्रवृत्ति के यूट्यूब पर हो जाएं सावधान नहीं तो जाना पड़ेगा जेल

*यूट्यूबर को अदालत से मिली जमानत, करीब 3 महीने बाद जेल से आए बाहर*


*अपराधी प्रवृत्ति के यूट्यूब पर हो जाएं सावधान नहीं तो जाना पड़ेगा जेल*

विशेष संवाददाता क्राइम भास्कर न्यूज रीवा। सोशल मीडिया पर अपने विवादास्पद वीडियो के लिए चर्चित रीवा के यूट्यूबर मनीष पटेल को अदालत से बड़ी राहत मिली है। करीब तीन महीने की न्यायिक हिरासत के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है। मनीष पटेल पर पूर्व में लूट और चोरी जैसे मामलों सहित कुल 5 मुकदमे दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहे थे।

विवादित रील पर ब्राह्मण समाज ने दर्ज कराई थी FIR

मामला वैलेंटाइन वीक का है, जब मनीष पटेल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक कैप्शन के साथ एक विवादित रील पोस्ट की थी। इस वीडियो पर आपत्ति जताते हुए ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध व्यक्त किया था और रीवा के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। FIR किसी संज्ञेय अपराध ( की पहली सूचना होती है, जिसके आधार पर पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है और जांच शुरू कर सकती है।

थाने पहुंचते ही खुली क्राइम हिस्ट्री, भेजा गया था जेल

मई 2026 में जब मनीष विवादित रील के सिलसिले में बयान दर्ज कराने सिविल लाइंस थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला। रीवा पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, मनीष पटेल पर लूट और चोरी से संबंधित 5 पुराने मामले दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस ने उनके खिलाफ जारी स्थायी वारंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। संज्ञेय अपराधों में पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है और जांच शुरू कर सकती है।

हाईकोर्ट से खारिज हुई थी याचिका, अब मिली राहत

पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और स्थायी वारंट के कारण जिला न्यायालय से लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक ने शुरुआत में उनकी नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हालांकि, अब कानून प्रक्रिया के तहत करीब तीन महीने जेल में रहने के बाद अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली है। गैर-जमानती अपराधों में आरोपी को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए, और जमानत के लिए न्यायिक विवेक का प्रयोग किया जाता है।