“वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा देने हर छोटे-बड़े व्यापारी की भागीदारी जरूरी : नरेंद्र सिंह तोमर
CAIT के राज्य स्तरीय व्यापारी सम्मेलन में प्रदेशभर के 250 व्यापारी नेताओं की सहभागिता, 
स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को नए बाजार दिलाने पर मंथन
जबलपुर प्रतिनिधिमंडल ने डिजिटलीकरण, ई-कॉमर्स और संगठनात्मक मजबूती पर रखे सुझाव;
विधानसभा अध्यक्ष ने कैट प्रदेश महामंत्री जितेंद्र पचौरी का किया सम्मान
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर / भोपाल, 31 अगस्त 2026 “वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है। इसे साकार करने के लिए हर छोटे और बड़े व्यापारी, कारीगर, उद्यमी और आम नागरिक की सहभागिता अनिवार्य है।” यह बात मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आज भोपाल के मानसरोवर सभागार में आयोजित कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राज्य स्तरीय व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
तीन दशक से अधिक के व्यापारिक अनुभव और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाने वाले तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ही हम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि “जब हम अपने गाँव, मोहल्ले, शहर के उत्पादों को गर्व से अपनाएँगे, तभी हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।”
राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने रखी अपनी बात
CAIT के राष्ट्रीय महासचिव एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि देश के छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और नए बाजारों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “व्यापारी संगठनों को अब केवल समस्या निवारण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी।”
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “यदि हम एक-एक जिले के विशिष्ट उत्पादों को ब्रांडेड करें, तो न केवल व्यापार बल्कि रोजगार और आय के स्रोत भी बढ़ेंगे। यह अभियान जन-जन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी व्यापारिक संगठनों को एकजुट होकर कार्य करना होगा।”
प्रदेश स्तर पर ठोस पहल पर सहमति
CAIT मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश की मिट्टी में अपार संभावनाएँ हैं चाहे वह बुनकरों का कौशल हो, हस्तशिल्प हो या फूड प्रोसेसिंग। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के हर उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले। इसके लिए ब्रांडिंग, पैकेजिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स का सही उपयोग किया जाएगा।”
CAIT प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष गोविंद दास असाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रदेश के लगभग सभी 52 जिलों से करीब 250 व्यापारी नेता एवं प्रतिनिधि पहुँचे। उन्होंने बताया कि सत्रों में व्यापार सुगमता, स्वदेशी अपनाने के व्यावहारिक पहलू, ऑनलाइन बाजारों में छोटे व्यापारियों की पहुँच, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ को जमीनी स्तर पर कैसे उतारा जाए, पर गहन चर्चा हुई।
जबलपुर प्रतिनिधिमंडल की सक्रिय भूमिका
सम्मेलन में जबलपुर से आए प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदेश महामंत्री जितेंद्र पचौरी, प्रदेश संरक्षण संदेश जैन, संभाग अध्यक्ष दीपक सेठी, जिला अध्यक्ष राजीव बड़ेरिया, संरक्षक मदन अवस्थी, सदस्य तरुण अग्रवाल एवं राष्ट्रीय समन्वयक (महिला विंग) श्रीमती सीमा सिंह चौहान ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
जबलपुर प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से डिजिटल भुगतान को सरल बनाने, ई-कॉमर्स पोर्टल पर स्थानीय उत्पादों की लिस्टिंग, तथा व्यापारी संगठनों को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के सुझाव रखे। साथ ही, उन्होंने कहा कि छोटे शहरों के व्यापारियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने किया सम्मान
सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने CAIT प्रदेश महामंत्री श्री जितेंद्र पचौरी को व्यापार संगठनों को मजबूत करने और व्यापारियों के हितों के लिए किए गए सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी व्यापारिक नेताओं ने तालियों से स्वागत किया।
संकल्प : स्वदेशी से विकसित भारत तक
सम्मेलन के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से स्वदेशी अपनाने, आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने, और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया। साथ ही, यह भी तय किया गया कि आने वाले महीनों में हर जिले में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिसमें युवा व्यापारियों, महिला उद्यमियों और कारीगरों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
CAIT नेतृत्व ने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें स्थानीय उत्पादों की ऑनलाइन ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, और निर्यात संभावनाओं पर विशेष फोकस होगा।