IPS महिला अधिकारी ने महिला CSP और पुलिसकर्मियों पर निलंबन के बाद अब FIR दर्ज - Bhaskar Crime

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IPS महिला अधिकारी ने महिला CSP और पुलिसकर्मियों पर निलंबन के बाद अब FIR दर्ज

*IPS महिला अधिकारी ने महिला CSP और पुलिसकर्मियों पर निलंबन के बाद अब FIR दर्ज*

*IPS पुलिस महिला अधिकारी का एक्शन,आरोपी महिला, और जांच अधिकारी भी महिला*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज भोपाल/जबलपुर / मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में एक बड़ा हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। ईमानदारी और सख्ती के लिए पहचानी जाने वाली IPS अधिकारी ने एक महिला CSP और उनके साथियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और दबंगई के गंभीर आरोपों की पोल खोल दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं संज्ञान लिया और सभी आरोपियों को तत्काल निलंबित करने के साथ ही कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

यह पूरा प्रकरण कटनी की वर्तमान CSP नेहा पच्चीसिया से जुड़ा हुआ है। उन पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

 ₹30 हजार की कथित वसूली एक शिकायतकर्ता से अवैध रूप से रिश्वत मांगने और लेने का आरोप।

· जमीन रजिस्ट्री में पुलिस दबाव  एक जमीन के रजिस्ट्री सौदे में पुलिस बल का गलत इस्तेमाल करके फर्जीवाड़ा करने का आरोप।

· गाइडलाइन मूल्य में भारी अंतर  जांच रिपोर्टों के अनुसार, जिस जमीन की गाइडलाइन कीमत ₹82.86 लाख थी, उसकी रजिस्ट्री मात्र ₹18.20 लाख में कराई गई, जो संदिग्ध और अवैध प्रतीत होती है।

· इसी मामले में पीड़ित पक्ष ने FIR भी दर्ज कराई थी।

IPS अधिकारी ने खोली पोल

इस मामले की जांच जबलपुर की एडिशनल SP श्रीमती अनु बेनीवाल को सौंपी गई थीं। अपनी ईमानदारी और पारदर्शी जांच के लिए जानी जाने वाली श्रीमती बेनीवाल ने इस केस की गहनता से पड़ताल की और तमाम सबूत व गवाहियों के आधार पर CSP नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी पुलिसकर्मियों को दोषी पाया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अधिकारी ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए आम जनता के साथ धोखाधड़ी की है।

FIR दर्ज, और निलंबन की कार्रवाई

जांच रिपोर्ट के बाद सीएसपी नेहा पच्चीसिया और उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। साथ ही, विभाग ने तत्काल प्रभाव से सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया है।

मुख्यमंत्री का सख्त रुख

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि वर्दी पर दाग लगाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता का भरोसा पुलिस पर है, और अगर कोई इस भरोसे को तोड़ता है, तो उसके खिलाफ सबसे सख्त संभव कार्रवाई की जाएगी।

आगे की जाँच नए अधिकारी को सौंपी गई

अब इस मामले की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई का जिम्मा जबलपुर की ही तेज तराहट और सख्त,ईमानदार एडिशनल SP सुश्री अंजना तिवारी को सौंपा गया है। वे इस केस में गंभीरता से अब तक की सभी रिपोर्ट्स, बयानों और सबूतों के आधार पर आगे की FIR, चार्जशीट और अन्य विधिक प्रक्रिया पूरी करेंगी। उम्मीद है कि वह भी इस मामले में पूरी ईमानदारी और सख्ती के साथ कार्रवाई करेंगी पुलिस विभाग में पुलिस वर्दी में दाग और बदनाम करने वालों पर शक्ति से एक्शन लेती है

यह मामला प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग करता है। एक तरफ ईमानदार IPS अधिकारियों ने अपनी सख्ती और निष्पक्षता का परिचय दिया है, वहीं दूसरी तरफ भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें एडिशनल SP सुश्री अंजना तिवारी की आगामी रिपोर्ट और उस पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।