नगर निगम: खजाना 17.67 करोड़ से भरा, लेकिन नागरिकों की समस्याएं अनसुलझी - Bhaskar Crime

Breaking

नगर निगम: खजाना 17.67 करोड़ से भरा, लेकिन नागरिकों की समस्याएं अनसुलझी

*नगर निगम: खजाना करोड़ से भरा, लेकिन नागरिकों की समस्याएं अनसुलझी*

(बड़ी खेरमाई पर आवारा जानवरों का सबसे पर तांडव) 

*पर सड़क, सफाई और आवारा पशुओं का संकट जस का तस*

करदाताओं का देवतुल्य सम्मान, चाय-पानी से लेकर पुष्पमाला तक 

क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। नगर निगम की लोक अदालत में इस बार करदाताओं ने ऐतिहासिक वसूली कर निगम का खजाना करोड़ों रुपयों से भर दिया, लेकिन शहर की जनता यह पूछने पर मजबूर है कि आखिर यह धन कहां खर्च हो रहा है, जब सड़कें टूटी पड़ी हैं, सफाई व्यवस्था चरमरा रही है और आवारा जानवरों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा।

 खजाना भरा, भरोसा नहीं

लोक अदालत में करदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पिछली लोक अदालत से 150 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ लगभग 12 हजार करदाताओं ने 17 करोड़ 67 लाख रुपये की राशि निगम खजाने में जमा की। पिछली बार यह वसूली मात्र 6.5 करोड़ रुपये थी।

लेकिन सवाल यह है कि जब करदाता समय पर कर जमा कर रहे हैं, तो उन्हें बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिल रहीं?

· सड़कें: जर्जर हालत में, गड्ढों से भरी

· सफाई: नियमित सफाई व्यवस्था ठप

· आवारा जानवर: सड़कों पर तांडव, आम जनजीवन अस्त-व्यस्त

· जनता की परेशानी: नगर निगम आयुक्त और महापौर का ध्यान आकर्षित करने की जरूरत

 करदाताओं का भव्य स्वागत, पलक-पावड़े बिछाए

लोक अदालत के अवसर पर नगर निगम द्वारा एक अनूठी और अनुकरणीय पहल देखने को मिली। बकाया करों की राशि जमा करने पहुंचे शहर के सम्मानित करदाताओं का महापौर जगत बहादुर सिंह "अन्नू", निगमाध्यक्ष रिकुंज विज, राजस्व प्रभारी डॉ. सुभाष तिवारी एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने पूरे आदर और आत्मीयता के साथ अभिनंदन किया।

प्रमुख बिंदु:

· संभाग क्रमांक 12 और 13 के निरीक्षण के दौरान महापौर ने करदाताओं से आत्मीय संवाद किया

· महापौर, अध्यक्ष, राजस्व प्रभारी एवं निगमायुक्त ने करदाताओं को पुष्पगुच्छ भेंट किए और माला पहनाकर नागरिक अभिनंदन किया

· महापौर ने स्वयं अपने हाथों से करदाताओं को चाय-पानी पिलाया

· अधिकारियों को निर्देश दिए कि करदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो

दूरभाष पर बात कर बुलाए करदाता

निरीक्षण के उपरांत महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, निगमाध्यक्ष रिकुंज विज, राजस्व प्रभारी डॉ. सुभाष तिवारी, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, पार्षद अतुल जैन दानी, श्रीमती प्रतिभा भापकर के साथ पूरी नगर निगम की टीम राजस्व विभाग में बैठी रही और करदाताओं से दूरभाष पर बात कर उन्हें लोक अदालत में मिलने वाली छूट का लाभ दिलाया।

 महापौर का संदेश: "करदाता देवतुल्य हैं"

महापौर श्री अन्नू ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा:

"अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए समय पर कर जमा करने वाले ये करदाता हमारे लिए देवतुल्य हैं। नगर निगम परिसर या संभागीय कार्यालयों में आने पर इन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा या तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"

 मुख्यालय सहित सभी संभागीय कार्यालयों में बेहतर व्यवस्था

लोक अदालत में आत्मीय नजारा देखने को मिला। करदाताओं के लिए मुख्यालय सहित सभी संभागीय कार्यालयों में बेहतर व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था से प्रभावित होकर करदाताओं ने निगम प्रशासन को धन्यवाद कहा।

 जबलपुर को समृद्ध बनाने में करदाताओं का अमूल्य योगदान

संभागों के निरीक्षण में महापौर, अध्यक्ष, राजस्व प्रभारी, एम.आई.सी. सदस्यों, पार्षदों और निगमायुक्त ने करदाताओं का अभिनंदन किया। करदाताओं ने भी नगर निगम के इस सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

 लेकिन असली सवाल यह है...

जब निगम का खजाना 17.67 करोड़ रुपये से भर गया, तो फिर:

समस्या स्थिति

सड़कें और कालोनियां जर्जर, गड्ढों से भरी

सफाई अनियमित, शिकायतें बरकरार

आवारा जानवर सड़कों पर तांडव 

नागरिक सुविधाएं अपेक्षित स्तर पर नहीं

करदाताओं का भरोसा जितना बढ़ा है, उतनी ही जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की बनती है। महापौर और निगमायुक्त को केवल कर वसूली तक सीमित न रहकर शहर की मूलभूत समस्याओं सड़क, सफाई और आवारा पशुओं  के स्थायी समाधान पर भी ध्यान देना होगा, तभी जनता का भरोसा सही मायनों में कायम रहेगा।

#क्राइम भास्कर न्यूज.काम