आवारा जानवरों का आतंक,नगर निगम की पोल, घटना के बाद भी कुंभकर्ण बना शासन - Bhaskar Crime

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आवारा जानवरों का आतंक,नगर निगम की पोल, घटना के बाद भी कुंभकर्ण बना शासन

*आवारा जानवरों का आतंक, एक व्यक्ति की मौत के बाद शासन प्रशासन मौन*

*नगर निगम प्रशासन का खुला पोल, अभियान सिर्फ खानापूर्ति का दिखावा*

*आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। शहर की सड़कों और गलियों में आवारा जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे जानवरों को पकड़ने के अभियान की एक बार फिर पोल खुल गई है। विगत दिनों एक सांड द्वारा एक व्यक्ति को उठाकर भटकने से उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद नगर निगम ने कुछ दिनों तक जानवरों को पकड़ने का अभियान चलाया, लेकिन घटना होते ही शासन-प्रशासन फिर से सो गया।

बड़ी खेरमाई क्षेत्र में आतंक

आज भी बड़ी खेरमाई क्षेत्र में सांडों का आतंक बना हुआ है। ये आवारा जानवर सुबह से शाम तक क्षेत्र में घूमते रहते हैं, जिससे किसी भी बड़ी घटना का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम केवल अपनी खानापूर्ति के लिए कुछ दिनों तक अभियान चलाता है और फिर मामला ठंडा पड़ जाता है।

निगम कर्मचारियों पर सवाल

लोगों का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारी प्रतिदिन गैंग लेकर शहर में घूमते तो हैं, लेकिन जानवर वहीं के वहीं घूमते रहते हैं। आज भी घटना के स्तर पर बैलों का आतंक जारी है। एक व्यक्ति की मौत के बाद अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस किस पर मामला बनाती है और नगर निगम अपनी जिम्मेदारी से कब तक मुंह चुराता रहेगा।

नगर निगम पर सवाल

आवारा जानवरों की समस्या को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ जहां प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में भी जानवरों का आतंक कम नहीं हो रहा, वहीं दूसरी तरफ जनहित में चलाए जा रहे अभियान महज दिखावा बनकर रह गए हैं। ऐसे में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।