पीटीएस में 101वां दीक्षांत समारोह: 221 नव आरक्षकों ने दी कर्तव्यनिष्ठा की शपथ, एडीजी जोन ने ली सलामी
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समारोह के मुख्य अतिथि प्रमोद वर्मा (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी), जोन जबलपुर ने परेड का निरीक्षण किया और नव आरक्षकों द्वारा प्रस्तुत शानदार परेड की सलामी ली। उनके द्वारा सलामी ग्रहण करने के बाद पूरे परिसर में गणमान्य अधिकारियों व आमंत्रित अतिथियों ने तालियों से जवानों का उत्साहवर्धन किया।
कर्तव्यनिष्ठा की शपथ और पुरस्कार वितरण
दीक्षांत परेड के पश्चात् 6वीं बटालियन के कमांडेंट श्री सिद्धार्थ चौधरी (भा.पु.से.) ने सभी 221 नव आरक्षकों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी एवं जनसेवा की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्य अतिथि श्री प्रमोद वर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं (जैसे शस्त्र संचालन, शारीरिक दक्षता, कानूनी ज्ञान, ड्रिल आदि) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षकों को नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
एडीजी का उद्बोधन: 100 बैचों का गौरवशाली इतिहास
अपने उद्बोधन में श्री प्रमोद वर्मा ने कहा कि पीटीएस जबलपुर से अब तक शतक (100 बैच) लग चुके हैं और आज 101वाँ बैच पास आउट हो रहा है। उन्होंने बताया कि सामान्यतया प्रत्येक बैच में 300 से 500 प्रशिक्षणार्थी होते हैं, लेकिन इस बैच में संख्या अपेक्षाकृत कम (221 रही), फिर भी नव आरक्षकों ने जो शानदार परेड प्रस्तुत की, वह सराहनीय है। उन्होंने पूरी 6वीं बटालियन टीम और कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि इस गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए पीटीएस जबलपुर सराहनीय कार्य कर रहा है।
कमांडेंट ने बताया बटालियन का 84 वर्षों का सफर
बटालियन कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने अपने भाषण में ऐतिहासिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वाहिनी की स्थापना 1942 में हुई थी, जब केन्द्रीय सरकार के रक्षा विभाग के अधीन 'सेंट्रल प्रोविन्स एवं बरार' क्षेत्र के रेलवे ट्रैक्स की सुरक्षा के लिए इसे 'स्पेशल आर्ड कांस्टेबलरी बटालियन नंबर एक' के नाम से स्थापित किया गया था। शुरुआत में इसका मुख्यालय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया परिसर में था, जिसे 1955 में स्थानांतरित कर राँझी स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल में स्थापित किया गया। फरवरी 1962 में मध्य प्रदेश शासन गृह विभाग ने इस बटालियन को प्रशिक्षण बटालियन का दर्जा दिया।
श्री चौधरी ने बताया कि इस प्रशिक्षण शाखा से अब तक कुल 100 बैच पास आउट हो चुके हैं और आज 101वाँ बैच पास हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में झारखंड जिला पुलिस बल के 250 नव आरक्षकों का भी यहाँ बुनियादी प्रशिक्षण कराया गया था।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
· कुल पास आउट आरक्षक: 221 (मध्यप्रदेश की 21 विभिन्न बटालियनों से)
· बैच संख्या: 101वाँ दीक्षांत परेड
· सलामी लेने वाले अधिकारी: एडीजी श्री प्रमोद वर्मा
· शपथ दिलाने वाले: कमांडेंट श्री सिद्धार्थ चौधरी
· स्थापना वर्ष: 1942
· प्रशिक्षण इतिहास: कुल 100+ बैच, वर्ष 2005 में झारखंड पुलिस का भी प्रशिक्षण
इस अवसर पर बटालियन के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षकगण, पुलिस कर्मी तथा आरक्षकों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह के अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

