सिंहस्थ 2028 कानून व्यवस्था हेतु 6-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया 
सिंहस्थ 2028: कानून व्यवस्था से लेकर आपात स्थिति तक, पुलिस बल को दक्ष बनाने के लिए 6-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ
चीफ एडिटर जबलपुर, 1 जून 2026 आगामी सिंहस्थ 2028 (जो संभवतः उज्जैन में आयोजित होगा, किंतु प्रशिक्षण जबलपुर पुलिस लाइन में दिया जा रहा है) के मद्देनजर, पुलिस बल को चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम बनाने हेतु एक व्यापक 6-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत आज की गई।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सिंहस्थ मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली विभिन्न जटिल स्थितियों – जैसे कानून व्यवस्था, यातायात जाम, अत्यधिक भीड़ नियंत्रण और अचानक आपातकालीन स्थितियों – से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए पुलिस बल को विशेष रूप से प्रशिक्षित करना है।
प्रशिक्षण का शुभारंभ वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में
आज दिनांक 1 जून 2026 को सुबह पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रमोद वर्मा (भा.पु.से.) ने किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारी
प्रशिक्षण कार्यशाला में जबलपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। प्रमुख उपस्थित लोगों में शामिल हैं:
· अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) – श्री जितेन्द्र सिंह
· अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) – श्री सूर्यकांत शर्मा
· अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) – सुश्री अंजना तिवारी
· उप पुलिस अधीक्षक – श्रीमति आकांक्षा उपाध्याय
· नगर पुलिस अधीक्षक (गढ़ा) – श्री आशीष जैन
· नगर पुलिस अधीक्षक (अधारताल) – श्रीमति राजेश्वरी कौरव
· नगर पुलिस अधीक्षक (गोहलपुर) – श्री मधुर पटेरिया
· उप पुलिस अधीक्षक – श्री बैजनाथ प्रजापति
· रक्षित निरीक्षक – श्री जे.पी. आर्य
· सुबेदार – श्री योगेश चौकसे
इसके अलावा, 150 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
प्रशिक्षण की मुख्य विषयवस्तु: पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा
प्रशिक्षण के पहले दिन निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के जरिए व्यावहारिक जानकारी दी गई:
· यातायात प्रबंधन – मेला क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही, पार्किंग और वैकल्पिक मार्ग योजना
· भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन – विशेषकर स्नान पर्वों और प्रमुख स्थानों पर अस्त-व्यस्तता रोकने के उपाय
· चेकिंग एवं निगरानी – संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कुशल चेकिंग के तरीके
· आपातकालीन स्थिति से निपटने की रणनीति – जैसे मानव-भगदड़, आग लगना, लापता व्यक्ति या चिकित्सीय आपात स्थिति
आगे की रूपरेखा: निरंतर चलता रहेगा प्रशिक्षण अभियान
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रमोद वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन की चुनौतियों को देखते हुए केवल एक कार्यशाला पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला जबलपुर के पुलिस बल को सिंहस्थ 2028 के दौरान व्यवस्था संभालने के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलते रहेंगे। आगे भी इसी प्रकार के सत्र और अभ्यास ड्रिल आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी परिस्थिति में घबराए नहीं, बल्कि पूरी दक्षता से अपने कर्तव्यों का पालन कर सके।
संक्षेप में: यह 6-दिवसीय कार्यशाला सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसमें पुलिस बल को बेहतर, अनुशासित और आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार किया जा रहा है।