्पु्लिस बनी डिजिटल हाईटेक:
विवेचना अधिकारियों को मिले 210 नए टैबलेट, DIG अतुल सिंह ने किया वितरण
तकनीक के संग अपराध जांच अब होगी और सशक्त
विशेष रिपोर्टर कटनी (मध्य प्रदेश)। अब कटनी जिले में अपराधों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों का संकलन पूरी तरह से आधुनिक, पेपरलेस और हाईटेक तरीके से होगा। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाने की दिशा में कटनी पुलिस ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
सोमवार, 1 जून 2026 को पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अत्याधुनिक टैबलेट्स का वितरण जिले के सभी विवेचना अधिकारियों को किया गया। यह कदम मध्य प्रदेश पुलिस के डिजिटल मिशन के तहत एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
DIG अतुल सिंह ने बढ़ाया पुलिस बल का हौसला
जबलपुर रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) श्री अतुल सिंह (IPS) विशेष रूप से कटनी पहुंचे और उन्होंने विवेचना अधिकारियों को ये 210 आधुनिक टैबलेट सौंपे। इस दौरान उन्होंने कहा:
"टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करता है। डिजिटल विवेचना से न सिर्फ केस डायरी संधारण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि साक्ष्यों के छेड़छाड़ की आशंका भी समाप्त होगी।"
DIG ने सभी अधिकारियों को इन टैबलेट्स का पूर्ण उपयोग करते हुए ई-विवेचना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
अब कटनी पुलिस के पास कुल 220 टैबलेट
पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि:
"पहले कटनी पुलिस के पास सिर्फ 10 टैबलेट थे, जो सीमित थानों तक सीमित थे। अब पुलिस मुख्यालय से 210 नए और हाईटेक टैबलेट मिले हैं। इस प्रकार जिले के पास अब कुल 220 टैबलेट हो गए हैं, जिन्हें सभी थानों के विवेचना अधिकारियों को वितरित किया जा रहा है।"
इससे अब हर थाने में कई विवेचना अधिकारी एक साथ डिजिटल तरीके से काम कर सकेंगे।
डिजिटल साक्ष्यों का संरक्षण और 'ई-विवेचना' पर विशेष जोर
टैबलेट वितरण के दौरान एसपी श्री अभिनय विश्वकर्मा ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
· इन उपकरणों का प्रयोग सिर्फ औपचारिकता न माना जाए।
· डिजिटल साक्ष्यों (जैसे फोटो, वीडियो, चैट, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज) का संकलन, सुरक्षित संरक्षण और प्रबंधन अनिवार्य रूप से इन टैबलेट्स के माध्यम से होगा।
· 'ई-विवेचना ऐप' के माध्यम से केस डायरी का संधारण, अनुसंधान कार्य और अभियोजन से जुड़ी जानकारी त्वरित, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी।
विवेचना अधिकारियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
टैबलेट वितरण के तुरंत बाद सभी विवेचना अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें निम्नलिखित तकनीकों में दक्ष बनाया गया:
प्रशिक्षण का विषय विवरण
ई-विवेचना ऐप का संचालन ऑनलाइन केस डायरी बनाना, अपडेट करना और उसे अपर श्रेणी तक भेजना
डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन साक्ष्यों को सुरक्षित रखना, हैश वैल्यू जेनरेट करना और छेड़छाड़ रोकना
साइबर अपराध विवेचना साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच
वैज्ञानिक पद्धति से जांच घटनास्थल पर डिजिटल तरीके से नक्शा, फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि इन टैबलेट्स की सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक लॉक, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और रिमोट वाइप जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि कोई भी संवेदनशील डेटा लीक न हो।
त्वरित न्याय और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
कटनी पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह पहल त्वरित और निष्पक्ष न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे:
· केस डायरी में देरी और लापरवाही पर रोक लगेगी।
· डिजिटल साक्ष्यों के गायब होने या बदलने की संभावना शून्य हो जाएगी।
· अदालतों को भेजी जाने वाली चालान रिपोर्ट अधिक सटीक और साक्ष्य-आधारित होगी।
एसपी श्री अभिनय विश्वकर्मा ने कहा:
"यह सिर्फ उपकरणों का वितरण नहीं है, बल्कि यह पुलिसिंग में एक सांस्कृतिक बदलाव की शुरुआत है। हम चाहते हैं कि हर विवेचना अधिकारी तकनीक का पूरा लाभ उठाते हुए पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने में सक्षम हो।"
भविष्य की योजनाएं कटनी पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में:
· सभी थानों को हाई-स्पीड इंटरनेट और VPN कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।
· साइबर सेल को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
· आम जनता के लिए एक पोर्टल खोला जाएगा, जहां वे अपने केस की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।
कटनी पुलिस का यह डिजिटल कदम न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के पुलिस विभागों के लिए एक मिसाल बनता जा रहा है। जहां एक ओर अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं, वहीं कटनी पुलिस अब डिजिटल हथियारों से लैस होकर उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब देने को तैयार है।
"अब हर विवेचना होगी डिजिटल, हर साक्ष्य होगा सुरक्षित, और हर न्याय होगा त्वरित।"
— कटनी पुलिस का नया डिजिटल संकल्प
