पुलिस ने अलग-अलग मामलों में पुलिस को दोहरी सफलता आरोपी को भेजा जेल - Bhaskar Crime

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पुलिस ने अलग-अलग मामलों में पुलिस को दोहरी सफलता आरोपी को भेजा जेल

 *चोरी का ट्रक के साथ,समर्सिबल पम्प चोर गिरफ्तार*

*अलग-अलग दो मामलों में पुलिस को दोहरी सफलता आरोपी को भेजा जेल*

विशेष रिपोर्टर कटनी (मध्य प्रदेश)  पुलिस को दो अलग-अलग चोरी के मामलों में डबल धमाकेदार सफलता मिली है। एक तरफ जहां 15 लाख रुपये का चोरी हुआ ट्रक महज कुछ घंटों में GPS टेक्नोलॉजी की मदद से बरामद कर लिया गया, वहीं दूसरे मामले में समर्सिबल पंप चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई थाना कुठला पुलिस ने की।

 पहला मामला : GPS से ट्रैक हुआ चोरीशुदा ट्रक

· पीड़ित: रामजी पटेल (निवासी कैलवारा कला)

· चोरी का सामान: अशोक लीलैंड ट्रक (नंबर MP20HB4961)

· अनुमानित कीमत: 15 लाख रुपये

· चोरी की जगह: पटेल ढाबा के पास

· पुलिस की चालाकी: ट्रक में लगे GPS सिस्टम से लोकेशन ट्रेस कर सरलानगर-भदनपुर मार्ग पर ट्रक मिला। बरामदगी मैहर जिले से हुई।

· अगली कार्रवाई: अज्ञात चोर की तलाश जारी।

 दूसरा मामला : पंप हाउस का तोड़कर चोरी, आरोपी गिरफ्तार

· पीड़ित: शुभम बर्मन (निवासी चाका)

· वारदात की तारीख: 7 मई 2026

· चोरी का सामान: CRI कंपनी का 7.5 HP समर्सिबल पंप, तीन चेम्बर, 16 रॉड, 6 पाना

· वारदात का तरीका: पंप हाउस का ताला तोड़ा गया

· गिरफ्तार आरोपी: आकाश यादव (24 साल), निवासी लमतरा फाटक

· गिरफ्तारी का आधार: तकनीकी साक्ष्य व पूछताछ में की गई स्वीकारोक्ति

· बरामदगी: चोरीशुदा समर्सिबल पंप आरोपी के कब्जे से मिला

· अदालती कार्रवाई: जेल वारंट जारी, भेजा गया जिला जेल कटनी

 पुलिस टीम और अफसर

 पुलिस अधीक्षक: अभिनय विश्वकर्मा

· अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: कमल मौर्य

· नगर पुलिस अधीक्षक: नेहा पच्चीसिया

· थाना प्रभारी: निरीक्षक अखलेश दाहिया

· अहम भूमिका में रहे: उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा, सुनील पाण्डेय, नरेन्द्र पटेल, ताहिर खान, और आरक्षक मनोज सिंह, विजय प्रजापति, पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, दुर्गेश सिंह

खास बातें (जरा हटके)

1. टेक्नोलॉजी की करामात : GPS ने बिना किसी मुखबिर के ट्रक का ठिकाना बता दिया।

2. डबल धमाका : दोनों मामलों में बरामदगी लगभग एक साथ होना पुलिस की सक्रियता को दिखाता है।

3. आरोपी की उम्र : 24 साल का युवा पंप चोरी गिरोह का हिस्सा, जो अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल खड़ा करता है।

4. प्रशासनिक मंशा : पुलिस अधीक्षक के निर्देश साफ हैं  “आमजन को भयमुक्त वातावरण देना।”