नशामुक्ति अभियान में अवैध कच्ची शराब की भट्टियां पूरी तरह नष्ट किया - Bhaskar Crime

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नशामुक्ति अभियान में अवैध कच्ची शराब की भट्टियां पूरी तरह नष्ट किया

*पुलिस का ‘नशामुक्ति’ धमाका: बिलहरी में महुआ लाहन की 18 डिब्बियाँ समेत धधकती भट्टियाँ स्वाहा,

एसपी का एक्शन अवैध शराब ठिकानों पर छापा 'बिक्री बंद' के बोर्ड लग गया है 

फील्ड रिपोर्ट क्राइम भास्कर न्यूज कटनी। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान ने अब करोड़ों के अंडरवर्ल्ड कारोबार की नींव हिला दी है। पुलिस ने सिर्फ शराब नहीं जब्त की, बल्कि पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए भट्टियों तक को मिट्टी में मिला दिया। बिलहरी चौकी की टीम ने जब ग्राम करहिया कला और रैपुरा में छापा मारा, तो वहां के दृश्य ने सबको चौंका दिया जमीन पर धधकती भट्टियां, हजारों लीटर क्षमता वाले पात्र, और चारों तरफ महुआ लाहन का ढेर लगा था।

 'ऑपरेशन ध्वस्त' : खाकसार हुईं माफियाओं की मिल्कियत

पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो अवैध कच्ची शराब की भट्टियां पूरी तरह संचालित अवस्था में मिलीं। आग की लपटें उठ रही थीं और ड्रमों में लाहन उबल रहा था। पुलिस ने बिना समय गंवाए न केवल भट्टियों को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया, बल्कि करीब 18 बड़े डिब्बों में रखा महुआ लाहन (जिससे तगड़ी शराब बनती है) भी पूरी तरह नष्ट कर दिया। वहीं, तस्करों की कमर तोड़ते हुए 15 लीटर तैयार कच्ची शराब भी जब्त की गई, जिसे बाजार में फेंका जाना था।

पुलिस लाइनअप: एसपी से चौकी इंचार्ज तक की 'शिकंजा' रणनीति

यह कार्रवाई सिर्फ एक टीम का काम नहीं थी, बल्कि कमान संभालने की एक मास्टरप्लान थी।

· पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (आईपीएस) ने पूरे जिले को क्लियर मैसेज दिया था कि शराब माफियाओं के लिए कोई छूट नहीं।

· उनके सख्त निर्देशों के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चिसिया ने मोर्चा संभाला।

· थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक अखिलेश दाहिया के सुपरविजन में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय ने अपनी टीम के साथ ऐसा दबिश दिया, जिससे आसपास के इलाकों में अवैध कारोबारियों के पसीने छूट गए।

 मुखबिर की सटीक इनपुट से कामयाबी

पुलिस को एक भरोसेमंद मुखबिर ने बताया कि करहिया कला और रैपुरा के सुनसान इलाकों में देर रात तक भट्टियां जलती हैं और लाहन तैयार किया जा रहा है। इस इनपुट को पुलिस ने गंभीरता से लिया और तत्काल टीम गठित कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। हैरानी की बात यह थी कि इन जगहों पर आमद-रफ्त इतनी छुपकर होती थी कि आसपास के लोगों को भी शक नहीं था, लेकिन पुलिस की गुप्तचर तंत्र ने माफियाओं को मात दे दी।

अब क्या - बड़े नेटवर्क की तरफ बढ़ाई जांच

पुलिस ने संलिप्त आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सिर्फ मौके पर मौजूद लोगों तक सीमित न रहते हुए, पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है—कि कौन था इस कारोबार का मास्टरमाइंड, किसे सप्लाई हो रही थी, और किन ठिकानों पर इसका स्टॉक किया जाता था। जल्द ही कुछ बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है।

कटनी पुलिस का चेतावनी भरा बयान:

पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि "यह सिर्फ एक झलक है। जिले में अवैध शराब कारोबार, नशे के अवैध व्यापार और बढ़ती अपराधिक गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान और तेज होगा। हर भट्टी ढहाई जाएगी, हर तस्कर का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा, और जो बाजार में जहर घोल रहे हैं, उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।" 

इस कार्रवाई के बाद बिलहरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में राहत की लहर है, वहीं अवैध शराब बेचने वाले ठिकानों पर 'बिक्री बंद' के बोर्ड लग गए हैं।