CM हेल्पलाइन में बिखेरा जलवा, 28 जिलों की रेस में छठे नंबर पर कब्जा - Bhaskar Crime

Breaking

CM हेल्पलाइन में बिखेरा जलवा, 28 जिलों की रेस में छठे नंबर पर कब्जा

'डबल सिक्सर': CM हेल्पलाइन में बिखेरा जलवा, 28 जिलों की रेस में छठे नंबर पर कब्जा

चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज प्रदेश की सरकारी व्यवस्था में अक्सर शिकायतों के ढेर लगने की बात कही जाती है, लेकिन कटनी ने इस धारणा को पूरी तरह पलट दिया है। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज जनसमस्याओं के 'संतुष्टिपूर्ण निराकरण' में कटनी ने न सिर्फ प्रदेश के टॉप-10 क्लब में जगह बनाई, बल्कि 'ए ग्रेड' की पावर-रेटिंग हासिल कर दिखाया कि प्रशासन अगर मिशन मोड में आ जाए, तो नतीजे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं होते।

बड़ी उपलब्धि मई माह की आधिकारिक ग्रेडिंग रिपोर्ट के अनुसार, कटनी ने 84.3 वेटेज स्कोर (Weightage Score) हासिल किया है। यह स्कोर सीधा-सीधा कहता है कि हर सौ शिकायतों में से 84 से अधिक का ऐसा समाधान किया गया, जिससे आम नागरिक खुश हुआ। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर कटनी ने प्रथम समूह (Group-1) के 28 जिलों की कड़ी प्रतिस्पर्धा में छठवां (6वां) स्थान हासिल किया है।

सबसे खास बात यह है कि यह कोई एकमुश्त लकी स्कोर नहीं है। कटनी ने पिछले 17 लगातार महीनों से प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी जगह बनाए रखी है—यानी जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेने की यह परंपरा अब डेढ़ साल से चल रही है।

कैसे मिली ये सफलता

इस प्रदर्शन के पीछे का 'कमांडर' हैं कलेक्टर आशीष तिवारी। सूत्र बताते हैं कि कलेक्टर साहब ने शिकायतों को सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नियमित अनुश्रवण (Regular Monitoring) और हर हफ्ते गहन समीक्षा बैठक कर शिकायतों को 'केस स्टडी' की तरह हैंडल किया। हर लंबित शिकायत के पीछे की वजह तलाशी गई और उसे जड़ से खत्म करने पर जोर दिया गया।

सिर्फ कलेक्टर कार्यालय ही नहीं, बल्कि कटनी के अन्य प्रमुख विभागों ने भी धमाकेदार प्रदर्शन किया है, जिससे साफ है कि यह 'टीम वर्क' था:

· पुलिस विभाग: कानून-व्यवस्था के अलावा जनता की अन्य समस्याओं को सुनने वाली कटनी पुलिस ने भी बाजी मारी और अपने समूह में 13वां स्थान पाकर 'ए ग्रेड' हासिल किया।

· जिला पंचायत: ग्रामीण इलाकों की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए जिला पंचायत ने शानदार निपटारा किया और अपने समूह में छठवां (6वां) स्थान पाया।

· नगर निगम: शहरी क्षेत्रों में सड़क, पानी, सफाई जैसी रोजमर्रा की समस्याओं का त्वरित समाधान कर नगर निगम ने भी अपने समूह में छठवां (6वां) स्थान प्राप्त कर 'ए ग्रेड' अपने नाम किया।

आम जनता के लिए क्या मतलब

इस रैंकिंग का सीधा फायदा आम कटनीवासियों को हो रहा है। अब किसी को भी किसी शिकायत के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ते। CM हेल्पलाइन पर एक फोन या शिकायत दर्ज होते ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो जाती है। 84.3 का स्कोर प्रमाण है कि अधिकारी अब 'फाइल-पुशिंग' की जगह 'प्रॉब्लम-सॉल्विंग' पर फोकस कर रहे हैं।

गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है, जब पूरा प्रदेश सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति को लेकर गंभीर है। कटनी ने इस रेस में अपनी पोजीशन मजबूत कर यह संदेश दिया है कि "संकल्प हो तो कोई भी शिकायत बड़ी नहीं होती।"

अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या कटनी अगले महीने इस 'टॉप-5' क्लब में अपनी एंट्री कर पाता है या फिर 84.3 का स्कोर और बेहतर होकर नया रिकॉर्ड बनाता है। फिलहाल जश्न का माहौल है, लेकिन इस मुकाम को बरकरार रखने के लिए अफसरों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं!