26 साल बाद पेंशनर्स को राहत की उम्मीद धारा 49 के चलते झेल रहे थे भेदभाव,
CM मोहन यादव के बयान से बनी आस पेंशनर्स से परिवार में राहत की आस
चीफ एडिटर भोपाल। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच राज्य बंटवारे के 26 साल बाद भी धारा 49 के कारण लाखों पेंशनर्स को महंगाई राहत और परिवार पेंशन में भेदभाव झेलना पड़ रहा था। अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की हालिया घोषणा ने इन पेंशनर्स के चेहरे पर उम्मीद की लकीर खींच दी है।
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में घोषणा की कि अब राज्य के पेंशनर्स को महंगाई राहत और परिवार पेंशन राहत के लिए धारा 49 के तहत इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यानी इस धारा से जुड़ी बाधा समाप्त होगी।
क्या है धारा 49(6) और क्यों है विवाद?
राकेश पाठक ने बताया कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) मूल रूप से वर्ष 2000 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर लागू होती है। लेकिन उस समय के कुछ अधिकारियों ने इसकी गलत व्याख्या कर इसे वर्ष 2000 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों एवं पेंशनर्स पर भी लागू कर दिया। इसी गलत व्याख्या के चलते पिछले 26 वर्षों से पेंशनर्स को समय पर महंगाई राहत (DA) और परिवार पेंशन में अंतर झेलना पड़ रहा था।
पेंशनर्स को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था?
· नियमित कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के बावजूद पेंशनर्स को महंगाई राहत (DR) समय पर नहीं मिल पाती थी।
· परिवार पेंशन के मामले में भी लंबे समय से भेदभाव चल रहा था।
· धारा 49 के नाम पर पेंशनर्स को तारीखों का इंतजार कराया जाता था, जिससे आर्थिक संकट पैदा होता था।
फेडरेशन ने उठाई ये मांगें
राकेश डी पी पाठक ने मुख्यमंत्री से निम्नलिखित प्रमुख मांगें की हैं:
1. धारा 49(6) का पूर्णतः विलोपन किया जाए, ताकि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लगभग 9 लाख पेंशनर्स को देय तिथि से ही महंगाई राहत मिल सके।
2. बिजली कंपनियों में पेंशनर्स को पूर्व में मिलने वाली बिजली बिल में राहत की सुविधा पुनः शुरू की जाए।
3. ऊर्जा विभाग के अधीन सभी बिजली कंपनियों के पेंशनर्स की पेंशन सुरक्षा की गारंटी राज्य सरकार ले।
4. वृद्ध पेंशनर्स को आयु के आधार पर अतिरिक्त लाभ दिया जाए:
· 70 वर्ष → 5%
· 75 वर्ष → 10%
· 80 वर्ष → 15%
· 85 वर्ष → 20%
· 90 वर्ष → 30%
· 95 वर्ष → 40%
· 100 वर्ष → 50% या 100%
5. देश के सभी सेवानिवृत्त 65 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया जाए।
सीएम की घोषणा पर फेडरेशन ने जताया आभार
राकेश पाठक ने कहा कि फेडरेशन लंबे समय से राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग से इस मुद्दे को उठाता रहा है। उन्होंने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि माननीय मुख्यमंत्री जी शीघ्र ही धारा 49 की पूर्ण समाप्ति के आदेश जारी कर देंगे।"
फेडरेशन के पदाधिकारियों — यू के पाठक, दिनेश दुबे, सीताराम कुरचानिया, अनूप वर्मा, उमाशंकर दुबे, के एन अग्निहोत्री, निर्मल शुक्ला, विमल महापात्र, अवनीश तिवारी, मोहन श्रीवास, एम पी तिवारी, राजेश मिश्रा, दीपक मेमने, बसंत मिश्रा, रंजीत दास, अजय चौबे, विनय पाठक, रवि चौबे, मोहित पटेल, योगेश पटेल, अक्षय श्रीवास्तव, मनोज पाठक, संजय सिंह, दिलीप पाठक, दयाशंकर द्विवेदी सहित सभी साथियों ने मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत किया है।
पेंशनर्स को अब उम्मीद है कि जल्द ही सरकार की ओर से धारा 49 की समाप्ति के स्पष्ट आदेश जारी कर दिए जाएंगे। यदि ऐसा होता है, तो 26 साल से लंबित यह भेदभाव खत्म होगा और लाखों पेंशनर्स को समय पर राहत मिल सकेगी।