*अंधी हत्या का 24 घण्टे के अन्दर खुलासा चाकू और मोटरसाइकिल के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार*
नशे के पैसे को लेकर झगड़ा, युवक को 6-7 धारदार वार, पुलिस ने सीसीटीवी और मुखबिर के दम पर पकड़ा
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर, 7 अगस्त 2026 खून से सना एक शव, भीड़ का हुजूम, और खामोश गलियाँ यह नज़ारा था कृष्णा कालोनी, त्रिमूर्ति नगर का, जहाँ 5 अगस्त की शाम एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। लेकिन जिस तेज़ी से पुलिस ने इस अंधी हत्या का पर्दाफाश किया, उसने पूरे इलाके को चौंका दिया। महज 24 घंटों के भीतर घटना में इस्तेमाल चाकू, मोटरसाइकिल और खून से सने कपड़ों के साथ दो आरोपी एक 18 वर्षीय युवक और एक 17 वर्षीय नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरी कहानी – जब शाम ढली, तो खून बहा
5 अगस्त, 2026, शाम करीब 5:15 बजे। कृष्णा कालोनी के पास राहगीरों ने एक युवक को लहूलुहान हालत में नाली के किनारे पड़ा देखा। कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई, लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। घायल के सीने, पेट और हाथों पर 6-7 गहरी चोटें थीं, जो धारदार हथियार से की गई थीं।
मृतक की पहचान यशवंत उर्फ शिवा सेन ठाकुर (30 वर्ष), निवासी प्रोफेसर कालोनी, करमेता, के रूप में हुई। मौके पर पहुँचे पिता संजय सिंह ठाकुर (58) ने बताया कि वह उस समय मंडी विजय नगर में मूंग खाली करवा रहे थे, तभी फोन आया – "आपका बेटा बेहोश पड़ा है।" वे दामाद के साथ दौड़े आए, लेकिन बेटे को खून में तैरता पाकर सब कुछ बदल गया
कड़ी कार्रवाई – SSP से लेकर FSL तक, कोई कसर नहीं बाकी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय (IPS) ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर श्री उदयभान बागरी और FSL अधिकारी डॉ. अजय सिंह मौके पर पहुँचे। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
टीम ने खँगाला हर कोना, सीसीटीवी ने दिया सुराग
शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड (IPS) और नगर पुलिस अधीक्षक बागरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रीतेश पाण्डे के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज छानी और मुखबिरों को सक्रिय किया। जाँच में पता चला कि मृतक को आखिरी बार रितिक उर्फ बड्डू सोनी और उसके एक साथी के साथ देखा गया था।
पूछताछ में खुली वारदात नशा, गाली, और खून
पुलिस ने संदेह के आधार पर रितिक सोनी (18) पिता प्रमोद सोनी, निवासी बजरंग नगर करमेता, और एक 17 वर्षीय विधि विवादित बालक को हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूली।
· तीनों (मृतक सहित) एक बिना नंबर की स्प्लेंडर प्लस बाइक पर घूम रहे थे।
· कृष्णा कालोनी के पीछे जगह पर तीनों ने नशा किया।
· मृतक यशवंत ने और नशा लाने के लिए कहा, लेकिन रितिक और नाबालिग ने पैसे न होने से मना कर दिया।
· इसी बात पर मृतक ने दोनों को जमकर गालियाँ दीं।
· गुस्से में आकर नाबालिग ने यशवंत को पकड़ लिया और रितिक ने चाकू से 2-3 वार किए। छीना-झपटी में चाकू गिरा, तो नाबालिग ने उसे उठाकर फिर से 2-3 वार किए जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
बरामदगी – खून, चाकू, बाइक और मोबाइल
· रितिक के पास से घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक और खून से सने कपड़े जब्त किए।
· नाबालिग के पास से बटनदार चाकू, मोबाइल, रक्तरंजित कपड़े, जूते, और बेल्ट बरामद किए गए।
· दोनों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की सराहनीय टीम – इन्होंने किया कमाल
इस तेज़ी से सफलता का श्रेय निम्न टीम को जाता है:
· थाना प्रभारी श्री रीतेश पाण्डे, उप निरीक्षक अम्बुज पाण्डे
· प्रधान आरक्षक जितेन्द्र तिवारी, जितेन्द्र यादव, आरक्षक समरेन्द्र सिंह, दिनेश दुबे, लाल जी यादव, आलोक यादव, गोपाल, अभिरंजन
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा,
"यह मामला गंभीर था, लेकिन हमारी टीम ने हर पहलू पर काम किया। सीसीटीवी, तकनीकी जाँच और मुखबिर तंत्र के बल पर हमने 24 घंटों में इस अंधी हत्या का खुलासा कर दिखाया। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
निष्कर्ष – हत्यारों को सज़ा मिले, यही पहला संदेश
यह घटना एक बार फिर बताती है कि कैसे एक छोटी सी बहस – नशे और गाली का मामला – जानलेवा बन गई। लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने न्याय की राह रोशन की है। अब देखना होगा कि कानून इस हत्याकांड में क्या सज़ा देता है, लेकिन फिलहाल शहर ने राहत की साँस ली है