ऑपरेशन हमदर्द : एक माह में 2057 बेसहारा लोगों की पहचान, 159 का परिजनों से मिलान
रेलवे पुलिस के ऐतिहासिक अभियान की सफलता पर भोपाल में भव्य समारोह
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज /भोपाल,शासकीय रेलवे पुलिस मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा चलाए गए एक माह के विशेष अभियान 'ऑपरेशन हमदर्द' की शानदार सफलता के उपलक्ष्य में आज पीपुल्स कॉलेज भोपाल के ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत प्रदेश भर के रेलवे स्टेशनों, प्लेटफार्मों और सर्कुलेटिंग एरिया में रहने वाले बेघर, अनाथ, बेसहारा एवं गुमशुदा लोगों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
समारोह में शामिल प्रमुख हस्तियाँ
कार्यक्रम में नगर की गणमान्य हस्तियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शिरकत की। मुख्य अतिथियों में श्रीमती मालती राय (महापौर, भोपाल), राजाबाबू सिंह (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, रेलवे भोपाल), संजय कुमार (पुलिस आयुक्त, भोपाल), डॉ. हरीश राव (उप कुलपति, पीपुल्स यूनिवर्सिटी करोंद भोपाल), डॉ. रोहित त्रिवेदी (वक्ता), अंकित जायसवाल (पुलिस अधीक्षक, रेलवे भोपाल) एवं यशपाल सिंह राजपूत (पुलिस अधीक्षक, रेलवे इंदौर) उपस्थित रहे।
ऑपरेशन हमदर्द : उद्देश्य एवं परिणाम
उद्देश्य :अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेलवे राजाबाबू सिंह (भापुसे) के निर्देशन में 01 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक चलाए गए इस अभियान का मूल उद्देश्य "बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय" की भावना को आत्मसात करते हुए रेलवे परिसरों में रहने वाले बेघर, बेसहारा महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों के प्रति संवेदना, सुरक्षा एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना था।
मुख्य कार्यवाहियाँ :1. पहचान एवं सत्यापन : रेलवे स्टेशन परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बेघर व्यक्तियों की विस्तृत पहचान एवं सत्यापन किया गया।
2. परिजनों से पुनर्मिलन : कई गुमशुदा एवं बेघर व्यक्तियों को खोज निकाला गया तथा उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों को सौंपा गया।
3. शासकीय योजनाओं से जोड़ना : जरूरतमंदों को शासन की विभिन्न पुनर्वास एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पूर्ण की गई।
सांख्यिकीय तथ्य : (01 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक)
क्रम श्रेणी संख्या ,1 पुरुष 1556,2 महिला 404,3 बालिका 39,4 बालक 56,5 ट्रांसजेंडर 02,कुल पूछताछ 2057
प्रमुख उपलब्धियाँ :
· 159 लोगों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
· 39 लोगों को रैन बसेरा / शेल्टर होम भेजा गया।
· सभी 2057 व्यक्तियों का डिजिटल डोजियर तैयार किया गया।
· आवश्यकता अनुसार अन्य मामलों में विधिवत कार्यवाही की गई।
आगे की योजना
शासकीय रेलवे पुलिस मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा यह अभियान नियमित अंतराल पर जारी रहेगा। समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुँचने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास रेलवे पुलिस के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
