*हाईकोर्ट बार चुनाव में दर्ज किया रिकॉर्ड जीत की हाईकोर्ट परिसर में जश्न का माहौल*
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव-2026: मृगेंद्र सिंह बने अध्यक्ष, असीम त्रिवेदी ने सचिव पद पर दर्ज की रिकॉर्ड जीत हाईकोर्ट परिसर में जश्न का माहौल
52 वोटों के संघर्षपूर्ण अंतर से अध्यक्ष पद की बाजी मृगेंद्र सिंह के हाथ, परितोष त्रिवेदि को मिली 728 मतों की मजबूत चुनौती
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वर्ष 2026-28 के द्विवार्षिक चुनाव में एक रोमांचक और कड़े मुकाबले के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने अध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और अनुभवी अधिवक्ता परितोष त्रिवेदी को मात्र 52 मतों के संघर्षपूर्ण अंतर से पराजित किया। यह चुनावी मुकाबला बेहद करीबी रहा, जिसमें मृगेंद्र सिंह को कुल 780 वोट मिले, जबकि परितोष त्रिवेदी के पक्ष में 728 मत पड़े। दोनों प्रत्याशियों के बीच यह अंतर चुनावी रणनीति, पैंतरेबाजी और अंतिम समय में हुए उलटफेर की कहानी बयां करता है।
सचिव पद पर असीम त्रिवेदी का दबदबा, 193 मतों से दर्ज की शानदार जीत
सबसे बड़ा चौंकाने वाला परिणाम सचिव पद पर देखने को मिला। असीम त्रिवेदी ने इस पद पर अप्रत्याशित रूप से बड़ी जीत दर्ज करते हुए 894 वोट हासिल किए, जो कुल मतदान का 44.5% से अधिक है। उनके प्रतिद्वंद्वी योगेश सोनी को 701 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। 193 मतों का यह अंतर बार एसोसिएशन के हालिया इतिहास में सचिव पद पर सबसे बड़े अंतर की जीत के रूप में दर्ज किया जा रहा है। असीम त्रिवेदी की इस शानदार जीत ने चुनावी विशेषज्ञों और वकील समुदाय को चौंका दिया है।
हाईकोर्ट परिसर में जश्न का माहौल, समर्थकों ने बजाए ढोल-नगाड़े
जैसे ही चुनाव परिणाम की घोषणा हुई, हाईकोर्ट परिसर का वातावरण पूरी तरह उत्साहमय हो गया। मृगेंद्र सिंह और असीम त्रिवेदी के समर्थकों ने परिसर में जमकर खुशियां मनाईं। ढोल-नगाड़ों की थाप, फूलों की वर्षा और 'मृगेंद्र सिंह जिंदाबाद' व 'असीम त्रिवेदी-अमर रहे' के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर विजय का जश्न मनाया। विशेष रूप से नवनिर्वाचित अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह ने अपने कार्यालय में प्रवेश करते ही सबसे पहले हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष औपचारिक शिष्टाचार निभाया और बार एसोसिएशन की गरिमा बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
मतदान प्रक्रिया: 2,008 अधिवक्ताओं ने किया मताधिकार का प्रयोग
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव सहित कार्यकारिणी के विभिन्न पदों के लिए मतदान सोमवार सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ। इस चुनाव में कुल 3,112 अधिवक्ता मतदाता थे, जिनमें 3,004 सामान्य और 108 महिला मतदाता शामिल थीं। इनमें से 2,008 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो लगभग 64.5% का मतदान प्रतिशत है, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी उत्साहजनक है।
कार्यकारिणी के आठ पदों के लिए भी हुए चुनाव
अध्यक्ष और सचिव पद के अलावा, उपाध्यक्ष के तीन पदों के लिए भी चुनाव हुआ, जिनमें दो पद सामान्य और एक पद महिला आरक्षित था। इसके साथ ही कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कार्यकारिणी के आठ पदों (पांच सामान्य और तीन महिला आरक्षित) के लिए भी मतदान संपन्न हुआ। सभी पदों के परिणामों ने बार एसोसिएशन के नए नेतृत्व को एक मजबूत और विविधतापूर्ण स्वरूप प्रदान किया है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है।
पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया: वैलिड पेपर और लाइव टेलीकास्ट
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का यह चुनाव वैलिड पेपर (मान्य मतपत्र) के माध्यम से कराया गया, जिससे मतदान प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और निष्पक्ष बनाया जा सके। चुनाव में पारदर्शिता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए पर्ची टेबल की व्यवस्था की गई थी, जिसके तहत हर मतदाता की पहचान और पात्रता को दोहरी जांच के बाद ही मतपत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, बैलेट बॉक्स का लाइव टेलीकास्ट भी किया गया, जिससे संपूर्ण मतदान और मतगणना प्रक्रिया पर निरंतर नजर रखी गई। इससे चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।
चुनावी माहौल: उत्साह, उम्मीदें और संकल्प
तीन दिनों तक चली चुनावी सरगर्मियों में वकील समुदाय में अपार उत्साह देखने को मिला। पिछले कुछ वर्षों में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कामकाज, अधिवक्ताओं की सुविधाओं, डिजिटलीकरण, लाइब्रेरी उन्नयन, और न्यायिक प्रक्रियाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस हुई। विजयी प्रत्याशियों ने अपने संबोधन में कार्यकारिणी को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और अधिवक्ता-हितैषी बनाने का संकल्प दोहराया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह ने कहा, "यह जीत मेरी नहीं, बल्कि हर उस अधिवक्ता की है जिसने विश्वास जताया। हमारी प्राथमिकता बार के हर सदस्य की आवाज को सुनना और न्यायिक प्रणाली को मजबूत बनाना होगा।"
कांग्रेस और भाजपा के वकीलों ने एकजुट होकर किया मतदान
चुनावी रुझानों की बात करें तो, इस बार मतदान में राजनीतिक रेखाएं काफी धुंधली दिखीं। कांग्रेस और भाजपा से संबद्ध अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर मतदान किया। यह माना जा रहा है कि मृगेंद्र सिंह और असीम त्रिवेदी की जीत में क्रॉस-वोटिंग का बड़ा योगदान रहा है, जो उनकी पारिस्थितिकीय और अपील का परिणाम है।
विशेषज्ञों की राय: यह चुनाव बार एसोसिएशन की दिशा बदलने वाला साबित होगा
कानूनी जानकारों के अनुसार, इस चुनाव ने एक नई परंपरा की शुरुआत की है, जिसमें युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का संतुलन, महिला सशक्तिकरण, और पारदर्शी कार्यप्रणाली को महत्व दिया गया है। असीम त्रिवेदी की रिकॉर्ड जीत यह दर्शाती है कि अधिवक्ता वर्ग बदलाव और नए नेतृत्व के लिए उत्सुक है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई कार्यकारिणी के समक्ष कई चुनौतियां हैं – जिसमें केस प्रबंधन, डिजिटल पहल, अधिवक्ताओं के कल्याण, और हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना शामिल है।
नई कार्यकारिणी के लिए आगे की राह
अब नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को 19 अगस्त 2026 को औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करना है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि नई कार्यकारिणी अपने पहले 100 दिनों में ही अधिवक्ताओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई शुरू कर देगी। इसमें डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करना, हाईकोर्ट परिसर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, और अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना शामिल हो सकती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन
मतगणना के बाद हुए समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बार एसोसिएशन के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का यह चुनाव न केवल अपनी पारदर्शी प्रक्रिया के लिए, बल्कि सर्वसम्मति और सौहार्दपूर्ण माहौल के लिए भी याद किया जाएगा। नए नेतृत्व के साथ उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं कि आने वाले दो वर्षों में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार नई ऊंचाइयों को छुएगा और अधिवक्ताओं के हितों का बेहतर ढंग से प्रतिनिधित्व करेगा।