हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजी संस्कारधानी, सीएम मोहन यादव ने बजाया डमरू और बरसाए फूल
प्रदेश की सबसे बड़ी कावड़ यात्रा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कावड़ियों का स्वागत किया
चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज/ संस्कारधानी जबलपुर में सावन के दूसरे सोमवार को प्रदेश की सबसे बड़ी 'संस्कार कावड़ यात्रा 2026' का आयोजन किया गया। नर्मदा के ग्वारीघाट से कैलाश धाम टमाटर तक करीब 33 किलोमीटर की इस पदयात्रा में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस भव्य यात्रा में सहभागिता कर कावड़ियों का आत्मीय स्वागत किया और उनके साथ कंधे पर कावड़ लेकर पैदल चले।
पूरा शहर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के नारों से गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस आस्था की यात्रा में हिस्सा लिया। रास्ते भर सामाजिक संगठनों द्वारा पंडाल लगाकर पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
33 किलोमीटर की पदयात्रा, 16वें वर्ष भी अटूट आस्था
यह यात्रा नर्मदा नदी के ग्वारीघाट से प्रारंभ होकर पनागर तहसील के कैलाश धाम मंदिर (टमाटर) तक निकाली गई। कैलाश धाम एक सुंदर पहाड़ी पर स्थित है, जहां प्राचीन श्वेत पिंडी (शिवलिंग) विराजमान है।
यह यात्रा अपने 16वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इसकी सबसे खास बात यह है कि हर कावड़िया नर्मदा जल के साथ एक पौधा भी लेकर चलता है। कैलाशधाम पहुंचने के बाद इन पौधों का पहाड़ियों पर रोपण किया जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देता है।
सीएम मोहन यादव ने कंधे पर उठाई कावड़, बजाया डमरू
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10:55 बजे भोपाल से जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर पहुंचे। इसके बाद वे सीधे रांझी क्षेत्र पहुंचे और यात्रा में शामिल हो गए।
· कंधे पर कावड़ उठाकर श्रद्धालुओं के साथ पैदल यात्रा की
· हाथ से डमरू बजाकर भक्ति का माहौल बढ़ाया
· मंच से कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया
सीएम ने कहा कि कावड़िया समुद्र की लहरों की तरह नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'संस्कार कावड़ यात्रा' का इतना विशाल स्वरूप उन्होंने पहली बार देखा। उन्होंने सनातन संस्कृति को भारत की जड़ें बताते हुए कहा कि उनकी सरकार धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने पर काम कर रही है।
जनप्रतिनिधि, संत और समाज रहे शामिल
इस भव्य यात्रा में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि तथा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
यात्रा में संत 'भैया जी सरकार' और 'रामू दादा' का भी सान्निध्य रहा। 300 से अधिक सामाजिक संगठनों ने मार्ग पर पंडाल लगाकर कावड़ियों की सेवा की।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था
इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए 24 से अधिक थानों की पुलिस तैनात की गई। प्रशासन ने:
· शहर के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया
· कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया
· तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया
बारिश के बावजूद नहीं डगमगाई आस्था
मौसम खराब होने और बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। सुबह 6 बजे से ही हजारों कावड़ियों ने कदम बढ़ा दिए थे। यह यात्रा 'गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में भी दर्ज है। कावड़ियों ने नर्मदा जल लेकर कैलाश धाम पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
मनोज विश्वकर्मा ✍️ संस्कारधानी जबलपुर की यह अनूठी कावड़ यात्रा सनातन आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है।
