प्रदेश में चीनी की जमाखोरी पर सरकार का शिकंजा, डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय - Bhaskar Crime

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प्रदेश में चीनी की जमाखोरी पर सरकार का शिकंजा, डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय

मध्य प्रदेश में चीनी की जमाखोरी पर सरकार का शिकंजा, डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय

डिजिटल निगरानी अनिवार्य,थोक उपभोक्ताओं पर भी रोक

किन पर लागू नहीं होगी सीमा,केंद्र सरकार का भी सख्त रुख

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज भोपाल। चीनी की बढ़ती कीमतों और संभावित जमाखोरी को रोकने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब कोई भी चीनी डीलर 4,000 क्विंटल (400 मीट्रिक टन) से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। साथ ही, किसी भी डीलर को अपना स्टॉक 30 दिनों से अधिक समय तक भंडारित रखने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत पैदा होने से रोकना और आम जनता को उचित मूल्य पर चीनी उपलब्ध कराना है। यह निर्देश 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है और 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।

डिजिटल निगरानी अनिवार्य

आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सख्त डिजिटल निगरानी की व्यवस्था भी की है। सभी डीलरों के लिए भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने दैनिक चीनी स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था के कड़ाई से पालन के निर्देश प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को भेज दिए गए हैं।

थोक उपभोक्ताओं पर भी रोक

सरकार ने सिर्फ डीलरों तक ही सीमा नहीं रखी, बल्कि बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं। जो कोई भी थोक उपभोक्ता (जैसे हलवाई, मिठाई विक्रेता, शीतल पेय निर्माता, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आदि) प्रतिमाह 10 मीट्रिक टन या उससे अधिक चीनी का उपयोग करता है, वह 15 दिनों से अधिक की अवधि के लिए चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। यानी ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी 15 दिनों से ज्यादा की जरूरत का स्टॉक रखने की इजाजत नहीं होगी।

किन पर लागू नहीं होगी सीमा

हालांकि, सरकार ने इस आदेश से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को छूट दी है। राज्य सरकार या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी प्राधिकारी द्वारा, विशेष रूप से किसी डीलर के माध्यम से, उचित मूल्य की दुकानों के लिए रखे गए चीनी के स्टॉक पर यह सीमा लागू नहीं होगी।

केंद्र सरकार का भी सख्त रुख

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्र सरकार ने भी चीनी की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए देश भर में डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय की थी। हाल ही में केंद्र सरकार ने इस सीमा को और सख्त करते हुए 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया है, जो 15 सितंबर 2026 से लागू होगा। हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला केंद्र के आदेश के अनुरूप ही 4,000 क्विंटल की सीमा को लागू करता है।

सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी