व्यापारी पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले फरार चल रहे दोनों आरोपी गिरफ्तार - Bhaskar Crime

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व्यापारी पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले फरार चल रहे दोनों आरोपी गिरफ्तार

*व्यापारी पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले फरार चल रहे दोनों आरोपी गिरफ्तार*

"महज 80 रुपये के सामान के लिए उठा चाकू! दुकानदार की आंतें निकालने वाले तीनों बदमाश गिरफ्तार, शरणदाता भी फरार नहीं बच सका"

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर | किराना दुकान से 80 रुपये के खाने-पीने का सामान लेकर बिना पैसे दिए चलते बने, और जब दुकानदार ने पैसे मांगे तो पहले गालियाँ, फिर दो बदमाशों ने युवक को पकड़ लिया और तीसरे ने उसके पेट में चाकू घोंप दिया। यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि रांझी थाना क्षेत्र की सच्ची घटना है। घटना के 5 दिनों के भीतर पुलिस ने सभी 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई को अंजाम दिया, लेकिन इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ 'शरणदाता' का है, जो अब खुद फरार होकर पुलिस की गिरफ्त में आने से बच रहा है।

 घटना का विस्तृत विवरण (29 अगस्त 2026, रात 8:30 बजे):

पीड़ित अभिषेक श्रीपाल (20) अपने पिता अनिल श्रीपाल के साथ गांधी चौक, रांझी स्थित अपनी किराने की दुकान पर थे। इसी दौरान दुकान पर 3 युवक – नितिन साहू, शिवा समुंद्रे (राणे) और राज चौधरी – आए और करीब 80 रुपये का सामान उठाकर बिना पैसे दिए निकलने लगे।

जब अभिषेक ने पैसे मांगे, तो आरोपी न केवल उल्टे गाली-गलौज करने लगे, बल्कि झगड़ा बढ़ने पर शिवा और राज ने अभिषेक को जबरन पकड़ लिया, जबकि तीसरे आरोपी नितिन साहू ने जान से मारने की नीयत से तेज धारदार चाकू निकाला और अभिषेक के बाएं पेट में भोंक दिया।

खून से लथपथ अभिषेक जमीन पर गिर पड़ा। हालात इतने गंभीर थे कि उसे पहले सिविल अस्पताल, फिर मेडिकल कॉलेज और अंततः गंभीर हालत में हैदराबाद स्थित ओमेगा अस्पताल (नागरथ चौक) रेफर करना पड़ा। वहाँ पहुँची पुलिस ने अभिषेक के बयान पर अपराध क्रमांक 667/26 (धारा 296(बी), 109(1), 3(5) बीएनएस) दर्ज किया।

 पुलिस ऑपरेशन: 'गिरफ्तारी की तिकड़ी'

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने त्वरित गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए।

· पहला झटका: पुलिस टीम ने पहले ही मुख्य आरोपी नितिन साहू (20) को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू जब्त कर लिया था।

· दूसरा झटका (3 सितंबर 2026): फरार चल रहे अन्य दो आरोपी –

  1. राज चौधरी (18) – पिता विशाल चौधरी, निवासी गांधी चौक मानेगांव (पकड़ा गया: परशुराम कुंड क्षेत्र से)

  2. शिवा राणे (19) – पिता शनि राणे, निवासी गांधी चौक मानेगांव (पकड़ा गया: मड़ई व्हीकल स्टेट, रांझी से एक और नया चाकू के साथ)

पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों ने घटना के बाद अपने दोस्त निखिल गोटिया (निवासी चांदमारी घमापुर) के घर शरण ली थी।

 'हटके' ट्विस्ट: शरणदाता भी फरार, पुलिस ने बढ़ाई धाराएँ

इस केस में सबसे अनोखा पहलू यह है कि जब पुलिस आरोपियों को छिपाने वाले निखिल गोटिया की तलाश में पहुँची, तो वह खुद फरार हो चुका था। अब पुलिस ने निखिल के खिलाफ धारा 249 बीएनएस (फरार अपराधियों को आश्रय देने) के तहत मामला दर्ज करके उसकी भी तलाश शुरू कर दी है।

साथ ही, शिवा राणे के पास से दूसरा चाकू मिलने पर उसके खिलाफ धारा 25 आर्म्स एक्ट की अलग से कार्रवाई की गई है। यानी, जो दोस्त उन्हें बचाने आया, वह अब खुद पुलिस की रडार पर है और उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

· नितिन साहू – पहले ही गिरफ्तार (चाकू जब्त)

· शिवा राणे – 3 सितंबर को गिरफ्तार (नया चाकू जब्त, आर्म्स एक्ट मुकदमा)

· राज चौधरी  3 सितंबर को गिरफ्तार

· निखिल गोटिया (शरणदाता) – फरार, धारा 249 BNS के तहत मामला

सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया 

 इन वीर सिपाहियों को सलाम (गिरफ्तारी में शामिल टीम):

थाना प्रभारी उमेश कुमार गोल्हानी के नेतृत्व में इस सफलता के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री अंजना तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक सतीश साहू के मार्गदर्शन में टीम ने दिन-रात एक कर दिया। 

सराहनीय भूमिका: उप निरीक्षक मयंक यादव, सहायक उप निरीक्षक मनीष जाटव, प्रधान आरक्षक चंद्रभान सिंह, पुरुषोत्तम अहिरवार, मनीष अहिरवार, आरक्षक अभिषेक मिश्रा, राहुल प्रताप और भीमू सोमवंशी।

 नागरिकों के लिए संदेश (बुद्धि-चेतावनी)

यह घटना साबित करती है कि महज 80 रुपये का लालच किसी की जान ले सकता है और अपराधियों के लिए 'मित्रता' का अर्थ 'सजा' भी बन सकता है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है फरारियत देने वाला चाहे कितना भी करीबी क्यों न हो, कानून उसे बख्शेगा नहीं! अब देखना यह है कि पुलिस फरार शरणदाता निखिल को कब तक पकड़ती है।