संस्कारधानी की पहली मटकी का शुभारंभ मंत्री राकेश सिंह ने किया संयुक्त मांझी व्यायाम शाला के गोविंदाओं ने फोड़ी - Bhaskar Crime

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संस्कारधानी की पहली मटकी का शुभारंभ मंत्री राकेश सिंह ने किया संयुक्त मांझी व्यायाम शाला के गोविंदाओं ने फोड़ी

*संस्कारधानी की पहली मटकी का शुभारंभ मंत्री राकेश सिंह ने किया संयुक्त मांझी व्यायाम शाला के गोविंदाओं ने फोड़ी*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर संस्कारधानी की सड़कों पर इस बार अनोखा उत्साह देखने को मिला। यादव कॉलोनी चौक पर आयोजित भव्य मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने न केवल परंपरा को जीवित किया, बल्कि युवाओं के जोश, साहस और एकजुटता की एक अद्भुत तस्वीर पेश की। रंजीत पटेल मित्र मंडली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर की पहली मटकी प्रतियोगिता होने का गौरव अर्जित किया, और इसे साक्षी बनने के लिए सुबह से ही चौक पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

लोक निर्माण मंत्री ने किया शुभारंभ, कहा अखाड़े हैं हमारी विरासत

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दीप प्रज्वलित एवं विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, "अखाड़े सिर्फ व्यायाम के केंद्र नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन खेल संस्कृति और सामाजिक समरसता के जीवंत प्रतीक हैं। आज का यह आयोजन युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का संचार होता है, जो किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है।"

विधायक डॉ. अभिलाष पांडे का संकल्प  जीर्णोद्धार होंगे सभी अखाड़े

विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने अपने संबोधन में इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "हमारी पहचान हमारे अखाड़े और उनकी गौरवशाली परंपराएं हैं। उत्तर-मध्य विधानसभा क्षेत्र में स्थित सभी अखाड़ों का जीर्णोद्धार करवाना मेरी प्राथमिकता है। ये अखाड़े सिर्फ कुश्ती और व्यायाम की पाठशाला नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की धरोहर हैं। मैं आज के इस उत्सव को नई शुरुआत का प्रतीक मानता हूं।" उनके इस बयान ने वहां मौजूद अखाड़ा संचालकों और गोविंदाओं का उत्साह दोगुना कर दिया।

रोमांच का अंबार: पानी की बौछारें, ढोल-नगाड़े और गोविंदाओं के अदम्य प्रयास

प्रतियोगिता शुरू होते ही माहौल ने रंग पकड़ लिया। आसमान से नहीं, बल्कि जमीन से पानी की बौछारें शुरू हुईं, जैसे किसी बड़े रण में योद्धा अपने प्रतिद्वंद्वी को झकझोर रहे हों। शहर के प्रतिष्ठित अखाड़ों – संयुक्त मांझी व्यायाम शाला, प्यारे लाल उस्ताद अखाड़ा, मथुरा अखाड़ा, बुद्धे गौंड अखाड़ा और श्री सिद्ध व्यायाम शाला – के गोविंदा एक-बढ़कर-एक दाव-पेंच लगाते नजर आए।

मटकी तक पहुंचने के लिए गोविंदाओं ने जोरदार मानव-पिरामिड बनाए, लेकिन फिसलन भरी सतह और तेज पानी की धाराओं ने चुनौती और बढ़ा दी। पहले प्रयास में कई टीमें विफल रहीं, लेकिन हार न मानते हुए दूसरे प्रयास में संयुक्त मांझी व्यायाम शाला के गोविंदाओं ने अद्भुत समन्वय दिखाया। एक ने दूसरे के कंधे पर चढ़कर आसमान की ओर हाथ बढ़ाया और ठीक उसी क्षण, जब सबकी सांसे थमी हुई थीं, मटकी चटक गई। दही, मक्खन, नारियल और पुष्प वर्षा का मिश्रण गोविंदाओं पर बरसा और पूरा चौक जयकारों से गूंज उठा।

विजेता अखाड़े को मिला नकद पुरस्कार और शील्ड

विजेता टीम को आयोजन समिति की ओर से आकर्षक नकद पुरस्कार राशि के साथ-साथ एक स्मृति चिन्ह शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूरे चौक में ढोल-ताशों की थाप, रंग-बिरंगे गुलाल और गोविंदा आलाप की गूंज ने माहौल को मानो द्वारकाधीश के दरबार में बदल दिया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित नागरिकों ने अपने मोबाइल कैमरों में इस ऐतिहासिक पल को कैद किया और गोविंदाओं का जमकर उत्साहवर्धन किया।

आयोजक रंजीत पटेल ने बताया उद्देश्य

आयोजक एवं भाजपा नगर महामंत्री  रंजीत पटेल ने कहा, "भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पूरे जीवन में अन्याय, आतंक और अधर्म के खिलाफ संघर्ष किया। हम इसी प्रेरणा से इस प्रतियोगिता का आयोजन कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य युवाओं को एक सूत्र में बांधना और उनमें संस्कारों की अग्नि को प्रज्वलित करना है।" उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी स्वयंसेवकों और अखाड़ा संचालकों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

मौके पर मौजूद थीं शहर की प्रमुख हस्तियां

इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, निगम अध्यक्ष रिंकू ब्रिज, पंकज दुबे, सोनू बचवानी, अभय सिंह ठाकुर, रजनीश यादव, मनीष जैन, सुधांशु गुप्ता, कमलेश अग्रवाल, राघवेंद्र यादव, रंजीत ठाकुर, पंकज पटेल, सोनू अग्रवाल, विन्नु शर्मा, रवि शर्मा, रौनक अग्रवाल, राहुल मिश्रा, आयुष चौबे, अनिकेत चौरसिया, मयंक मिश्रा, शरद पटेल, कमल सिंह, राहुल कनोजिया, राहुल पटेल, संजय दुबे, चिन्मय जोशी, शेंकी पटेल, मयूर पटेल, आशु पटेल, आशीष शर्मा, साहिल गोस्वामी, पार्थ तिलवानी, अनुज चौरसिया सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समापन में सांस्कृतिक संध्या का ऐलान

आयोजकों ने अंत में यह भी घोषणा की कि इस श्रृंखला में आगामी दिनों में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय कलाकार भक्ति-रस के गीत और नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही संस्कारधानी का यह आयोजन एक यादगार पड़ाव बन गया, जिसने परंपरा, उत्साह और सामुदायिक भागीदारी का अद्वितीय मेल पेश किया