हनुमान ताल में गणेश विसर्जन के बाद भारी बदबू और मछलियों की मौत निगम पर सफाई का सवाल
हनुमान ताल में गणेश विसर्जन के बाद तालाब के चारों ओर भयंकर बदबू फैल गई है
· प्रतिमाओं में इस्तेमाल किए गए केमिकल युक्त रंगों से कई मछलियों के मरने की जानकारी सामने आई है
· विसर्जन के दौरान तालाब में डाले गए फूल, माला और अन्य सामग्री सड़ने से स्थिति और खराब हुई
· स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य संबंधी आशंका, नगर निगम से तत्काल सफाई की मांग
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर/ गणेश विसर्जन के बाद हनुमान ताल इलाके में हालात बेकाबू हो गए हैं। तालाब के चारों तरफ फैली दुर्गंध से आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि विसर्जन के बाद से इलाके में बदबू इतनी तेज हो गई है कि घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, गणेश प्रतिमाओं में जो रंग इस्तेमाल किए गए थे, वे केमिकल युक्त थे। इन रंगों के तालाब के पानी में घुलने से कई मछलियों की मौत हो गई है। सूत्र ने बताया है कि कुछ मृत मछलियां पानी की सतह पर तैरती देखी गईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दी।
बताया जा रहा है कि विसर्जन के दौरान तालाब में सिर्फ प्रतिमाएं ही नहीं, बल्कि फूल, मालाएं, नारियल और अन्य पूजन सामग्री भी बड़ी मात्रा में डाली गई थी। यह सामग्री पानी में सड़ने लगी, जिससे बदबू और भी तेज हो गई। पानी की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है और आसपास का वातावरण दूषित होता जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या हर साल विसर्जन के बाद पैदा होती है, लेकिन इस बार स्थिति काफी गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से समय पर सफाई नहीं की जा रही है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बदबू के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस संबंधी दिक्कतें भी हो रही हैं।
अब सवाल यह है कि नगर निगम इस मामले में क्या कदम उठाएगा। तालाब की सफाई कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है। लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल तालाब की सफाई कराए, पानी को ट्रीट करे और आगे से ऐसी व्यवस्था बनाए कि विसर्जन के दौरान केमिकल युक्त रंगों और कचरे को तालाब में डालने से रोका जा सके।
फिलहाल इलाके में सफाई को लेकर तनाव का माहौल है और लोग नगर निगम के अधिकारियों के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
