*देश की राजधानी में स्वच्छता का शिखर, संस्कारधानी की ऐतिहासिक उपलब्धि*
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में ऐतिहासिक तीसरा स्थान, दिल्ली में गर्व से गूंजा 'जबलपुर'
*एयरपोर्ट पर फूलों की बारिश और आतिशबाजी के बीच भव्य स्वागत*
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण (NCAP) पुरस्कार समारोह में जबलपुर ने इतिहास रच दिया। देश भर के 131 शहरों को पीछे छोड़ते हुए संस्कारधानी ने तीसरा स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल नगर निगम बल्कि पूरे शहर के 15 लाख नागरिकों के लिए गर्व का क्षण बन गई।
महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने दिल्ली में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण किया। जब दोनों पदाधिकारी शुक्रवार देर शाम डुमना एयरपोर्ट पर उतरे, तो वहां का दृश्य किसी महापर्व से कम नहीं था। एयरपोर्ट परिसर ढोल-नगाड़ों की गूंज, भारत माता के जयकारों और 'स्वच्छ जबलपुर' के नारों से गूंज उठा।
फूलों की वर्षा, मिठाइयों की महक, और सैकड़ों की भीड़
सैकड़ों की संख्या में उपस्थित नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक महापौर व निगमायुक्त के दर्शन के लिए बेताब थे। जैसे ही दोनों ने एयरपोर्ट से बाहर कदम रखा, लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की, पुष्पगुच्छ भेंट किए और गर्मजोशी से मालाएं पहनाईं। कुछ युवाओं ने आतिशबाजी की, तो कुछ ने हवा में तिरंगे लहराए।
इस अवसर पर मिठाइयों की मिठास ने सभी को एक सूत्र में बांध दिया। लोगों ने एक-दूसरे को लड्डू, जलेबी और बर्फी खिलाई। वहीं, कई महिलाओं और बच्चों ने नगर निगम के कर्मचारियों को गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया। पूरा वातावरण उत्साह और आत्मविश्वास से सराबोर था।
'यह सम्मान संस्कारधानी के एक-एक नागरिक को समर्पित'
जनता के इस अभूतपूर्व प्रेम से स्पष्ट अभिभूत महापौर ने हाथ जोड़कर कहा,
"यह पुरस्कार मेरा या निगमायुक्त का नहीं है। यह तो जबलपुर के 15 लाख नागरिकों, हमारे सफाई मित्रों, पार्षदों, और निगम की पूरी टीम की दिन-रात की मेहनत की जीत है। जिन्होंने शहर को हरा-भरा और स्वच्छ रखने में अपना रक्त-पसीना एक किया।"
उन्होंने कहा कि जबलपुर ने इंदौर, सूरत, मुंबई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ा है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इसी जागरूकता और सहभागिता के साथ आने वाले समय में स्वच्छता में प्रथम स्थान का लक्ष्य प्राप्त करें।
निगमायुक्त ने बताई सफलता की रणनीति
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने कहा कि यह सफलता किसी जादू से नहीं बल्कि ठोस और अनुशासित कार्ययोजना का परिणाम है। उन्होंने बताया कि निगम ने पिछले दो वर्षों में:
· शहर में 50 हजार से अधिक पौधे रोपे गए।
· निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर का उपयोग किया गया।
· वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किया गया, जिससे कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण में कमी आई।
· यातायात और उद्योग क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता निगरानी कड़ी की गई।
अहिरवार ने कहा, "यह पुरस्कार हमें और भी जिम्मेदार बनाता है। अब हमारा लक्ष्य अगले साल देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना है।"
'आभार जबलपुर' का अभियान शुरू
इस अवसर पर नगर निगम ने 'आभार जबलपुर' अभियान की घोषणा की, जिसमें शहर के हर वार्ड, गली-मोहल्ले, स्कूलों और कॉलेजों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत उन सफाई कर्मियों और स्वयंसेवियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शहर के चेहरे पर गर्व की झलक
उपस्थित नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि यह जीत पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव की बात है। स्थानीय उद्योगपति, शिक्षाविद् और समाजसेवी सभी ने निगम के प्रयासों की सराहना की। वहीं सोशल मीडिया पर भी
इस अवसर पर नगर निगम के सभी कर्मचारी संघों के पदाधिकारी, पार्षद, जोनल अधिकारी, और सफाई विभाग के प्रमुख भी मौजूद रहे। सभी ने एक दूसरे को बधाई देते हुए शहर को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
आने वाले समय की तैयारी
महापौर ने अंत में कहा कि अब जबलपुर को इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर ऊर्जा, और वर्षा जल संचयन पर ध्यान केंद्रित करना होगा, ताकि वायु गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। निगमायुक्त ने बताया कि अगले महीने से शहर के 10 प्रमुख चौराहों पर वायु शुद्धि टावर स्थापित किए जाएंगे, जो प्रदूषण को 40% तक कम करने में सक्षम हैं।
जबलपुर का सपना अब 'नंबर वन' का
यह सफलता जबलपुर को एक हरित, स्वच्छ और आधुनिक शहर की ओर अग्रसर करने वाली है। एयरपोर्ट पर देर रात तक जश्न का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने डीजे पर नाचते हुए, पटाखे फोड़ते हुए और रोशनी की बौछार करते हुए इस ऐतिहासिक क्षण को अमर कर दिया।
शहर की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि अगर जनता और प्रशासन एक साथ मिलकर काम करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। अब नजरें अगले साल की ओर हैं, जब जबलपुर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर काबिज होगा।
जबलपुर में अब 'स्वच्छता' सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-जन का उत्सव बन गया है।