एसपी के अचानक कदम से थाने में हड़कंप मच हवालात से लेकर साइबर डेस्क तक हर फाइल खंगाली - Bhaskar Crime

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एसपी के अचानक कदम से थाने में हड़कंप मच हवालात से लेकर साइबर डेस्क तक हर फाइल खंगाली

एसपी के अचानक कदम से थाने में हड़कंप मच हवालात से लेकर साइबर डेस्क तक हर फाइल खंगाली

गोरखपुर थाने पर धावा बोल दिया और वहां के कामकाज को बारीकी से परखा

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन की कड़ी कसावट को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) किसी से कम नहीं हैं। इसी तारतम्य में उन्होंने आज दिनांक 7 सितंबर 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे गोरखपुर थाने पर धावा बोल दिया और वहां के कामकाज को बारीकी से परखा। निरीक्षण के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर एम.डी. नागोतिया एवं थाना प्रभारी नितिन कमल ने उनका साथ दिया, लेकिन एसपी के इस अचानक कदम से थाने में हड़कंप मच गया।

 मालखाने का ताला खुलवाकर रखरखाव चेक किया

एसपी उपाध्याय ने सबसे पहले थाने के मालखाने का ताला खुलवाया। उन्होंने जप्ती माल, आर्म्स एम्यूनेशन (शस्त्र-गोला-बारूद) और राइट ड्रिल सामग्री के रखरखाव की जांच की। हर एक सामान की एंट्री और डिस्पोजल को लेकर उन्होंने रजिस्टरों को बारीकी से उलट-पलट कर देखा। साथ ही हवालात का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बंदियों की संख्या और उनकी स्थिति का जायजा लिया। उनका साफ कहना था कि मालखाने और हवालात में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 साइबर हेल्प डेस्क पर कड़ी नजर, ऑनलाइन ठगों को चेतावन

आधुनिक अपराधों को देखते हुए एसपी सीधे साइबर हेल्प डेस्क पहुंचे। उन्होंने साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम और मोबाइल चोरी/गुम होने से जुड़ी शिकायतों का ब्योरा मांगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ऑनलाइन ठगी के मामलों में 'जीरो आवर' की भावना से काम करें। पीड़ित के पैसे को वापस दिलवाने और साइबर अपराधियों तक पहुंचने में तेजी लाने के आदेश दिए गए।

 लंबित मामलों पर गाज, विवेचकों से मांगा हाल

एसपी ने थाने में पंजीबद्ध अपराधों की समग्र समीक्षा की। उन्होंने लंबित विवेचनाओं (पेंडिंग केसेज) को एक-एक कर उठाकर विवेचकों से उनकी वर्तमान स्थिति पूछी। उन्होंने साफ कहा कि जिन अपराधों की विवेचना लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए। इसके साथ ही सी.एम. हेल्पलाइन और जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर उन्होंने रिपोर्ट मांगी और निर्देश दिया कि इन शिकायतों का निपटारा संतुष्टिपूर्ण ढंग से और समय-सीमा में करना सुनिश्चित किया जाए।

 महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष तवज्जो

समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग को ध्यान में रखते हुए एसपी ने थाने में तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा-

"महिलाओं, बच्चों, वृद्धों और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता बरतें। इनकी शिकायतों पर तत्काल विधिसंगत कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाएं। इसमें तनिक भी ढिलाई अस्वीकार्य होगी।"

 हटके अंदाज: कर्मचारियों की समस्या भी पूछी!

सिर्फ कागजी कार्रवाई और कानून व्यवस्था तक ही सीमित न रहते हुए, एसपी उपाध्याय ने एक अनोखी पहल की। उन्होंने थाने में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से खुलकर बात की और उनसे पूछा-

"आपको किसी भी प्रकार की कोई कार्यालयी या व्यक्तिगत समस्या है तो मुझे तुरंत बताएं। आपकी हर समस्या का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा।"

इस कदम से थाने में तैनात जवानों और कर्मचारियों का मनोबल काफी बढ़ा और उनके चेहरे पर संतोष की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं।

 थाना परिसर तक नजर, साफ-सफाई पर जोर

अंदरूनी निरीक्षण के बाद एसपी ने थाने के बाहरी परिसर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आसपास की साफ-सफाई, पार्किंग व्यवस्था और थाने की बाहरी दीवारों की हालत पर भी ध्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि पुलिस की छवि थाने के प्रांगण से शुरू होती है, इसलिए स्वच्छता और व्यवस्था को अधिक प्राथमिकता दी जाए।

 कुल मिलाकर क्या रहा मकसद

एसपी का यह निरीक्षण न सिर्फ एक रूटीन जांच थी, बल्कि यह पुलिस महकमे में जवाबदेही और गंभीरता का एक सशक्त संदेश था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अपराध नियंत्रण, पीड़ितों को न्याय और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही उनकी प्राथमिकता है। गोरखपुर थाने के इस निरीक्षण के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जिले के अन्य थानों का भी इसी तरह निरीक्षण किया जाएगा, ताकि पुलिस प्रशासन को और अधिक कड़क और जनता के अनुकूल बनाया जा सके।