बलिदान दिवस पर CM मोहन यादव का गीता भवन से बड़ा ऐलान, अमर शहीदों को किया नमन - Bhaskar Crime

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बलिदान दिवस पर CM मोहन यादव का गीता भवन से बड़ा ऐलान, अमर शहीदों को किया नमन

*ऐतिहासिक बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अमर शहीदों को किया नमन*

*CM मोहन यादव का गीता भवन से बड़ा ऐलान*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर/आज गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर जबलपुर में भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घंटाघर स्थित गीता भवन परिसर में आयोजित समारोह में शिरकत की और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया। 

         (मुख्यमंत्री द्वारा चैक वितरित किया)

       गीता भवन से दिया स्वदेशी का मंत्र

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि इन वीरों का बलिदान हमें आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अपनाने की प्रेरणा देता है। 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पित करने वाले जनजातीय नायक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। स्वतंत्रता के लिए पिता-पुत्र का अदम्य साहस देश के गौरवशाली शौर्य इतिहास का अविस्मरणीय अध्याय है।" 

तोप के मुंह पर बांधकर दी गई थी मृत्युदंड

गौरतलब है कि 14 सितंबर 1857 को अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह को गिरफ्तार किया था। उनके परिसर से क्रांतिकारी कविताएं और पत्र बरामद हुए थे, जिनमें देवी चंडी का आह्वान कर अंग्रेजों के विनाश की प्रार्थना की गई थी। 

अंग्रेजी शासन ने इन कविताओं को विद्रोह भड़काने वाला माना। मात्र चार दिन के मुकदमे के बाद 18 सितंबर 1857 को प्रातः 11 बजे पिता-पुत्र दोनों को तोप के मुंह पर बांधकर मृत्युदंड दे दिया गया। 

इतिहासकारों के अनुसार, मृत्युदंड से पहले राजा शंकर शाह ने उसी कविता की पंक्तियां पढ़ीं, जिसे अंग्रेजों ने उनके खिलाफ सबूत बनाया था। तोप के धमाके ने उनके शरीर को नष्ट कर दिया, लेकिन उनके बलिदान की स्मृति आज भी जबलपुर और पूरे गोंडवाना क्षेत्र में जीवित है। 

हर साल मनाया जाएगा बलिदान दिवस

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा दोहराई कि राज्य सरकार प्रतिवर्ष 18 सितंबर को राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस राजकीय सम्मान के साथ मनाएगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव की इस पुण्य-स्मृति को बनाए रखना हमारा पवित्र कर्तव्य है। 

बंदी गृह बनेगा संग्रहालय

जिस कक्ष में अंग्रेजों ने इन वीरों को बंदी बनाकर रखा था और जहां उन्हें सजा सुनाई गई थी, उस स्थल को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा जबलपुर के गोंडवाना चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।