15 करोड़ लोन दिलाने का धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार - Bhaskar Crime

Breaking

15 करोड़ लोन दिलाने का धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

15 करोड़ लोन दिलाने का धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


थाना मदनमहल में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर/ कम ब्याज पर 15 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना मदनमहल में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

ऐसे हुई धोखाधड़ी की शुरुआत

थाना मदनमहल में संजय भाटिया (61 वर्ष) निवासी होटल गुलजार, महानद्दा, नागपुर रोड, मदनमहल ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सिल्पेश शिवहरे नाम का व्यक्ति उनकी होटल में टेंट एवं केटरिंग के काम के सिलसिले में आता-जाता था। वर्ष 2024 में सिल्पेश ने उन्हें ब्रजेश तिवारी नाम के व्यक्ति से मिलवाया और बताया कि यह मुंबई में रहता है तथा कम ब्याज पर प्राइवेट बैंक से लोन दिलवाने का काम करता है।

ब्रजेश तिवारी ने संजय भाटिया को बताया कि मुंबई में उसकी "अर्थ प्रॉपर्टीज एवं एस्टेट कंसल्ट मुंबई" नाम की फर्म है, जिसके माध्यम से उसने कई लोगों को लोन दिलवाया है। इसके बाद संजय भाटिया ने ब्रजेश से अपनी फर्म "स्वर्णलता इंटरप्राइजेज" के लिए 15 करोड़ रुपये का लोन दिलवाने की बात कही।

15 लाख की स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर 9 लाख ऐंठे

ब्रजेश तिवारी ने 15 करोड़ के लोन के एवज में 15 लाख रुपये की स्टाम्प ड्यूटी एडवांस में जमा करने को कहा। उसने बताया कि यह लोन "एट फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड, गोरेगांव वेस्ट, मुंबई" द्वारा दिलाया जाएगा और स्टाम्प ड्यूटी की राशि "अर्थ प्रॉपर्टीज एवं एस्टेट कंसल्ट मुंबई" के खाते में जमा करनी होगी।

विश्वास दिलाने के लिए ब्रजेश तिवारी ने अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और अपनी कंपनी के दस्तावेजों की छायाप्रति भी संजय भाटिया को सौंपी। सिल्पेश शिवहरे और ब्रजेश तिवारी की बातों पर विश्वास करके संजय भाटिया ने अपनी फर्म स्वर्णलता इंटरप्राइजेज के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा नागपुर रोड महानद्दा के खाते से निम्नलिखित राशि अर्थ प्रॉपर्टीज एवं एस्टेट कंसल्ट मुंबई के कर्नाटका बैंक लिमिटेड के खाते में NEFT के माध्यम से जमा कराई —

· 12/07/2024 — 01 लाख रुपये

· 29/07/2024 — 01 लाख रुपये

· 30/07/2024 — 01 लाख रुपये

· 10/08/2024 — 03 लाख रुपये

· 14/08/2024 — 03 लाख रुपये

इस तरह कुल 09 लाख रुपये जमा कराए गए।

फर्जी एग्रीमेंट भेजकर और राशि मांगी

पैसा जमा कराने के बाद ब्रजेश तिवारी ने अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के माध्यम से "एट फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड, गोरेगांव वेस्ट, मुंबई" का एक शॉर्ट टर्म एग्रीमेंट भेजा और कहा कि एग्रीमेंट साइन करके भेज दें तथा बकाया 06 लाख रुपये भी तत्काल उसकी फर्म में जमा करा दें।

शंका होने पर संजय भाटिया ने 06 लाख रुपये जमा नहीं किए और सिल्पेश शिवहरे से बात की। सिल्पेश ने बताया कि ब्रजेश तिवारी ने लोन दिलवाने के नाम पर उससे भी 03 लाख 50 हजार रुपये लिए हैं, लेकिन न तो लोन पास कराया गया और न ही वह फोन उठा रहा है।

इसके बाद संजय भाटिया ने भी ब्रजेश तिवारी को फोन कर अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन ब्रजेश ने पैसा देने से साफ इनकार कर दिया। 08/05/2026 को ब्रजेश तिवारी जबलपुर आया था, तब संजय भाटिया ने उससे फोन पर 09 लाख रुपये वापस मांगे, लेकिन उसने रुपये वापस नहीं किए।

मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

लिखित शिकायत के आधार पर ब्रजेश तिवारी द्वारा कम ब्याज पर प्राइवेट बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर, स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर एडवांस राशि जमा कराने के बाद फर्जी एग्रीमेंट के दस्तावेज देकर 09 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर हड़पने का अपराध पाया गया। इस पर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 219/26 धारा 318(4) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

दबिश देकर गिरफ्तार

विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश के लिए टीमें एवं मुखबिरों को लगाया गया। तलाश-पतासाजी पर जानकारी मिली कि ब्रजेश तिवारी चंद्रिका टावर में आने वाला है। इस पर टीम द्वारा दबिश देकर ब्रजेश तिवारी (46 वर्ष) निवासी उत्सव कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी, रिंग रोड, ओशिवरा, अंधेरी वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र तथा ग्राम कांटी, थाना घुरपुर, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश को अभिरक्षा में लिया गया।

आरोपी को थाना मदनमहल के अपराध क्रमांक 219/26 धारा 318(4) बीएनएस में विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

उल्लेखनीय भूमिका

धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी उमेश यादव, उप निरीक्षक अशोक मरावी, प्रधान आरक्षक के.के. श्रीवास, आरक्षक बाला तथा महिला आरक्षक प्रियंका की सराहनीय भूमिका रही।