*एसपी ने ली क्राइम मीटिंग थाना प्रभारी को अपराध एवं सायबर फ्रॉड तथा धोखाधड़ी को गम्भीरता पूर्वक लिया जाए*
जबलपुर पुलिस का 'वॉर रूम' हाई-टेक क्राइम मीटिंग: एसपी ने सुनाई अपराधियों को खैर, साइबर ठगों पर शिकंजा
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) ने आज दिनांक 8 अगस्त 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में एक मैराथन अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में उन्होंने न सिर्फ लंबित मामलों की पड़ताल की, बल्कि अपराधियों और लापरवाह अधिकारियों को साफ चेतावनी देते हुए डिजिटल पुलिसिंग और साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिए। यह बैठक जबलपुर पुलिस के लिए एक नई दिशा तय करने वाली साबित हुई।
'जीरो टॉलरेंस' का एलान: महिला अपराध और गुमशुदगी पर संवेदनशीलता अनिवार्य
एसपी ने बैठक की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
· गुमशुदा बच्चे: अपहृत नाबालिग बालक/बालिकाओं (धारा 363 भादवि/137(2) बीएनएस) की खोजबीन के लिए थाना प्रभारियों को रणनीति बनाने के निर्देश दिए। यदि बच्चे जिले से बाहर हैं, तो तुरंत विशेष टीमों को रवाना कर उन्हें सकुशल बरामद करना सुनिश्चित करें।
· महिला सुरक्षा: महिला संबंधी अपराधों (छेड़छाड़, मारपीट, दहेज प्रताड़ना) में अभियुक्तों की गिरफ्तारी तुरंत की जाए, विवेचना को त्वरित गति से पूरा कर चालान कोर्ट में पेश किए जाएं। एसपी ने कहा कि इन मामलों में पीड़िता की संवेदनशीलता को समझते हुए बिना किसी देरी के न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।
साइबर वॉर: हर थाने में 'साइबर हेल्प डेस्क' होगी एक्टिव, ऑनलाइन ठगों पर नकेल
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए एसपी ने पूरे जिले में एक नई पहल का आगाज किया।
· सभी थानों में पहले से शुरू की गई 'साइबर हेल्प डेस्क' को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षित कर्मचारियों को यहां तैनात किया गया है ताकि पीड़ित के 'गोल्डन आवर' (सुनहरे समय) में ही ऑनलाइन ठगी की राशि को रोका जा सके।
· सोशल मीडिया फ्रॉड, ओटीपी स्कैम, शेयर मार्केट फ्रॉड जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल राहत देने पर जोर दिया गया।
· CEIR पोर्टल: खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायत पर CEIR पोर्टल के माध्यम से ट्रैकिंग कर उसे वापस दिलाने के सख्त निर्देश दिए गए।
डिजिटल इंडिया की ओर: टैब से होगी विवेचना, CCTNS में सुधार पर विशेष फोकस
एसपी उपाध्याय ने तकनीकी रूप से पिछड़ने वालों को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने CCTNS (सीसीटीएनएस) की कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा की।
· ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-चालान और ई-सम्मन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को मौके पर ही CCTNS प्रभारी से चर्चा कर हल करने का निर्देश दिया।
· डाटा एंट्री में त्रुटि: एसपी ने सख्ती से कहा कि डेटा एंट्री में होने वाली छोटी-छोटी गलतियाँ स्वीकार नहीं की जाएंगी। स्टाफ को सुधारात्मक दृष्टिकोण से प्रशिक्षण देकर इसमें निपुणता लाने को कहा गया।
· टैब का उपयोग: पुलिस मुख्यालय से प्राप्त टैब का अधिकतम उपयोग करते हुए सभी विवेचकों को घटना स्थल का नक्शा (नक्श मौका), डायरी लेखन, अपराध से जुड़े वीडियो और फोटो को अपलोड करना अनिवार्य किया गया।
फरार अपराधियों के खिलाफ 'बाहरी ऑपरेशन': जिले से बाहर भेजी जाएंगी टीमें
एसपी ने जिले से बाहर छिपे अपराधियों को बड़ा झटका दिया।
· गंभीर अपराधों (हत्या, लूट, नकबजनी) और साइबर फ्रॉड के फरार आरोपियों तथा लंबित वारंटियों की पतासाजी के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा।
· इन टीमों को अन्य राज्यों/जिलों में भेजकर अधिक से अधिक फरार अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का लक्ष्य दिया गया। साथ ही, लंबित संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी गई संपत्ति की बरामदगी पर भी जोर दिया गया।
जनता की हर पुकार पर होगी कार्रवाई: CM हेल्पलाइन और जनसुनवाई की शिकायतें होंगी प्राथमिकता
आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने कहा कि CM हेल्प लाइन, वरिष्ठ कार्यालयों और जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
· उन्होंने पिछले 6 महीनों में आई इन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए चेतावनी दी कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द निपटान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मौजूद रहे ये वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस विभाग का पूरा आला अफसरान मौजूद रहे, जिनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आयुष जाखड़ (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती अनु बेनिवाल (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोन-2) सुश्री पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोन-4) सुश्री अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सूर्यकांत शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अखिलेश तिवारी सहित सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
त्रिवार्षिक तुलना और आगे की रणनीति
बैठक में भारतीय दंड विधान (भा.द.वि.) और नई आपराधिक संहिता (बी.एन.एस.) के तहत त्रिवार्षिक तुलनात्मक आंकड़ों की बारीकी से समीक्षा की गई, साथ ही निवारक कार्रवाइयों और माइनर एक्ट के तहत की जा रही कार्यवाही का भी मूल्यांकन किया गया। एसपी ने स्पष्ट किया कि जबलपुर को अपराध मुक्त बनाने के लिए यह सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि एक नए युद्ध स्तर की पुलिसिंग की शुरुआत है।
