2 करोड़ 44 लाख की जमीन धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार
8 मामले दर्ज: जिनमें 7 मामले थाना बरेला और 1 मामला थाना गोरखपुर में पंजीकृत हैं।
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर, 8 सितंबर 2026 थाना बरेला क्षेत्र में जमीनी विवादों से जुड़ी बड़ी धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब दो महीने से फरार चल रहे आरोपी रमनीत सिंह सेठी को पुलिस ने 7 सितंबर 2026 को प्रीत बिहार कॉलोनी, नर्मदा रोड, थाना गोरखपुर, जबलपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 7 मामले थाना बरेला और 1 मामला थाना गोरखपुर में पंजीकृत हैं।
क्या है मामला
जी.एस.के. मेंबर कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोप्राइटर रमनीत सिंह सेठी पर जमीन से जुड़े लेन-देन में 2 करोड़ 44 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पीड़ितों ने कई थानों में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए। आरोपी पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार था और उसकी तलाश लगातार जारी थी।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन और अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुश्री अंजना तिवारी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सूचना तकनीक और मानवीय स्रोतों की मदद से आरोपी के ठिकाने का पता लगाया। 7 सितंबर 2026 को टीम ने प्रीत बिहार कॉलोनी स्थित साई मंदिर के पास से रमनीत सिंह सेठी को हिरासत में लिया।
पूछताछ और गिरफ्तारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई। पुष्टि होने पर उसे निम्नलिखित 8 मामलों में गिरफ्तार किया गया:
थाना बरेला के मामले:
1. अपराध क्रमांक 23/26 – धारा 420 भा.द.वि.
2. अपराध क्रमांक 24/26 – धारा 420, 506 भा.द.वि.
3. अपराध क्रमांक 29/26 – धारा 318(4) बी.एन.एस.
4. अपराध क्रमांक 30/26 – धारा 31(4) बी.एन.एस.
5. अपराध क्रमांक 31/26 – धारा 420 भा.द.वि.
6. अपराध क्रमांक 144/26 – धारा 318(4), 3(5) बी.एन.एस.
7. अपराध क्रमांक 517/26 – धारा 318(4) बी.एन.एस.
थाना गोरखपुर का मामला:
8. अपराध क्रमांक 158/26 – धारा 420, 406 भा.द.वि.
आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संगीता सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम ने सराहनीय कार्य किया। टीम में शामिल थे:
· उपनिरीक्षक के.पी. झारिया
· उपनिरीक्षक शशिकला उईके
· सहायक उपनिरीक्षक मुकेश पठारिया
· आरक्षक अविनाश
· आरक्षक रवि शर्मा
इन सभी अधिकारियों और जवानों की मेहनत से फरार आरोपी को पकड़ना संभव हो सका। पुलिस अधीक्षक ने टीम की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसी तरह की सतर्कता और सक्रियता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
