*कुख्यात बदमाश छोटू चौबे का फरार ईनामी पिता चंद्रशेखर चौबे प्रयागराज से गिरफ्तार*
अवैध कब्जे और हथियारों के धंधे का था सरगना
3 हजार का था ईनाम, एक माह से था फरार; क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रयागराज से दबोचा
जबलपुर में गैंगस्टर छोटू चौबे के गिरोह का पर्दाफाश, अवैध हथियारों का करता था धंधा
· अवैध कब्जे का खेल: कैसे छोटू चौबे और उसका पिता बनाते थे करोड़ों की जमीनें हड़पने का प्लान
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर/ कुख्यात बदमाश सुयश उर्फ छोटू चौबे के पिता और फरार ईनामी आरोपी चंद्रशेखर चौबे उर्फ शेखर चौबे को जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। 75 वर्षीय शेखर चौबे पिछले एक माह से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय द्वारा 3 हजार रुपये का ईनाम उद्घोषित किया गया था। शेखर चौबे पर जबरन जमीन पर कब्जा कर अवैध मकान बनाने, छोटू चौबे के गुर्गों को संरक्षण देने, अवैध हथियारों के धंधे और अपराधियों को छुपाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
कैसे हुआ खुलासा: भूलन बस्ती में दबिश से मिला सुराग
पूरा मामला तब सामने आया जब विगत माह क्राइम ब्रांच की टीम ने विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर भूलन बस्ती में दबिश दी। टीम ने थाना माढोताल की हत्या और ग्वारीघाट के हत्या के प्रयास के प्रकरण में फरार आरोपी शेख आदिल निवासी रिपटा के पास नया मोहल्ला बड़ी ओमती को पकड़ा, जिससे भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे।
सघन पूछताछ में शेख आदिल ने खुलासा किया कि उसे उक्त मकान में छोटू चौबे के पिता शेखर चौबे ने फरारी काटने के लिए रुकवाया था। उसने बताया कि घर शेखर चौबे और छोटू चौबे का ही है और वह शेखर चौबे के संरक्षण में फरारी काट रहा था।
मकान से बरामद हुए भारी मात्रा में हथियार
मकान की तलाशी में भारी मात्रा में हथियार और मोबाइल आदि सामग्री जप्त की गई। आरोपी शेख आदिल, शेखर चौबे, सुयश उर्फ छोटू चौबे और बाबू सिंधी के विरुद्ध अपराध थाना में धारा 25(1-बी)(ए), 25(1-ए), 27 आर्म्स एक्ट तथा 249(बी), 111(4), 111(5), 111(6) बीएनएस के तहत कार्यवाही की गई थी।
जांच में खुला अवैध कब्जे का पूरा खेल
विवेचना के दौरान घटना स्थल भूलन बस्ती स्थित मकान के संबंध में पता करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त मकान छोटू चौबे उर्फ सुयश चौबे, चंद्रशेखर चौबे और चंद्रशेखर चौबे की पत्नी रीता चौबे का बताया जा रहा है। लेकिन नगर निगम और राजस्व विभाग से जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि इन तीनों के नाम से नगर निगम जबलपुर के राजस्व में कोई रिकॉर्ड दर्ज ही नहीं है।
बिल्डर ने खोला राज: 2018 में ही हुआ था विवाद
आसपास बने मकानों और रहवासियों से जानकारी लेने पर बताया गया कि खसरा नंबर 95 की भूमि अशोक साहू द्वारा प्लाटिंग कर भूखंड विक्रय किया गया था। घटना स्थल से संबंधित बिल्डर अशोक साहू से पूछताछ में उसने बताया कि उसने उक्त भूमि को अपने बेटे के नाम से वर्ष 2012 में रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर खरीदकर दो लोगों को 1000-1000 वर्गफीट प्लाट विक्रय कर दिया था, जिनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है।
अशोक साहू ने यह भी बताया कि वर्ष 2018-19 में उसे पता चला कि उक्त दोनों प्लाटों पर किसी और के द्वारा मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। तब वह अधबनी दीवार और बाउंड्रीवाल तुड़वाने के लिए जेसीबी लेकर निर्माणाधीन मकान में गया और दीवार तुड़वा रहा था, तभी शेखर चौबे अपने लड़के छोटू चौबे के साथ मिलकर उसके साथ गालीगलौज कर खतरनाक हथियार दिखाकर उसे वहां से खदेड़ दिया था। वर्ष 2022 में उसे पता चला कि उक्त दोनों प्लाटों पर छोटू चौबे और शेखर चौबे ने पक्का मकान खड़ा कर लिया है, लेकिन डर के कारण उसने कहीं शिकायत प्रस्तुत नहीं की।
बिजली मीटर ने भी दिया अहम सुराग
घटना स्थल के मकान में लगे विद्युत मीटर की जानकारी एम.पी.एस.ई.बी. कार्यालय से प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त मकान में लगा विद्युत मीटर उपभोक्ता चन्द्रशेखर चौबे के नाम से दर्ज है।
वास्तविक भूमि स्वामियों ने दर्ज कराई शिकायत
वास्तविक भूमि स्वामियों द्वारा अपनी भूमि पर अवैध कब्जा करने संबंधी शिकायत थाना अपराध में की गई। शिकायत जांच के दौरान आवेदकों के कथन लेख किए गए, जिन्होंने अपने-अपने कथनों में लेख कराया कि उनके प्लॉट पर छोटू चौबे और उसके पिता शेखर चौबे द्वारा कब्जा कर अवैध रूप से मकान निर्माण किया गया है।
साफ हो चुका है अपराध का पूरा ताना-बाना
विवेचना पर यह स्पष्ट हो चुका है कि आरोपी चंद्रशेखर चौबे और उसके पुत्र आरोपी छोटू चौबे द्वारा लोगों को डरा-धमकाकर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर अपने अधिपत्य में लेकर अवैध निर्माण किया जा रहा था। इसी मकान का उपयोग अवैध हथियार बेचने, अपराध कारित कर फरारी काटने तथा गैंग के अन्य सदस्यों को अपराधिक कार्य करने के बाद छुपाने में किया जा रहा था।
भूलन बस्ती मौजा कछपुरा, प.ह. नंबर 04, रा.नि. मण्डल जबलपुर-1, खसरा नंबर 95, तहसील अधारताल, जिला जबलपुर स्थित प्लाट में अवैध रूप से निर्मित मकान के संबंध में चंद्रशेखर चौबे एवं छोटू चौबे के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने उद्घोषित किया था ईनाम
घटना दिनांक से ही शेखर चौबे फरार था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु हर संभावित स्थानों में दबिश दी जा रही थी। पकड़े न जाने पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय द्वारा शेखर चौबे की गिरफ्तारी पर 3 हजार रुपये का ईनाम उद्घोषित किया गया था।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से) द्वारा फरार ईनामी उद्घोषित आरोपी एवं थानों में लंबित अपराध में फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु जिले में पदस्थ समस्त थाना प्रभारी शहर एवं देहात तथा राजपत्रित अधिकारियों को आदेशित किया गया था।
प्रयागराज में मिली थी सूचना
आदेश के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ (भा.पु.से), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह के द्वारा उप पुलिस अधीक्षक अपराध उदयभान बागरी के मार्गनिर्देशन में टीमों को गंभीर मामलों में फरार आरोपी एवं उद्घोषित फरार ईनामी आरोपियों की धरपकड़ हेतु लगाया गया।
कन्ट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह परिहार को फरार आरोपी के प्रयागराज में होने की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा प्रयागराज में दबिश देते हुए फरार ईनामी आरोपी चंद्रशेखर चौबे पिता स्व. पंडित चेतराम चौबे, उम्र 75 वर्ष, निवासी स्नेह नगर कमला नेहरू, थाना मदन महल को विधिवत अभिरक्षा में लेकर जबलपुर लाया गया। उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करते हुए पुलिस रिमांड प्राप्त किया जा रहा है।
उल्लेखनीय भूमिका: फरार ईनामी आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी अपराध शैलेष मिश्रा के निर्देशन में उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह, क्राइम ब्रांच के सहायक उप निरीक्षक अनिल, आरक्षक राजेश मिश्रा, अजीत सिंह और मुकेश परिहार की सराहनीय भूमिका रही।
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