मध्य भारत की सबसे प्राचीन रामलीला का श्रीगणेश 04 अक्टूबर किया जाएगा - Bhaskar Crime

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मध्य भारत की सबसे प्राचीन रामलीला का श्रीगणेश 04 अक्टूबर किया जाएगा

मध्य भारत की सबसे प्राचीन रामलीला: गोविंदगंज में 162वें वर्ष का भव्य श्रीगणेश 4 अक्टूबर से शुभारंभ 

जबलपुर की गोविंदगंज रामलीला समिति रचेगी इतिहास, 

मध्य भारत का सबसे बड़ा और ऊंचा फोल्डिंग मंच बनकर तैयार

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। देश की भव्यतम और प्राचीनतम रामलीलाओं में श्री गोविंदगंज रामलीला समिति इस वर्ष अपने गरिमामय 162वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। समिति द्वारा प्रभु श्रीराम की लीला का मंचन आगामी रविवार, 04 अक्टूबर से शुरू होगा। इस बार समिति ने लीला को और भी भव्य, दिव्य तथा नयनाभिराम बनाने के लिए कमर कस ली है। रामलीला को जनसामान्य से जोड़ने और प्रभु चरित्र को जन-जन के हृदय में बसाने के लिए समिति के सदस्य प्राण-प्रण से जुटे हुए हैं।

हर दिन कुछ नया देखने को मिलेगा

समिति के अध्यक्ष पं. अनिल तिवारी ने रामलीला के संदर्भ में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि इस बार दर्शकों को हर दिन कुछ नया देखने को मिलेगा। पारंपरिक मंचन को आधुनिक बनाने के लिए समिति सबके सहयोग से प्रयास कर रही है।

मंच पर इस बार विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा:

· पुष्पवाटिका और अशोक वाटिका का भव्य दृश्य

· आकर्षक रावण दरबार

· वाणासुर द्वारा शिवपूजन

· अट्टहास करती डरावनी ताड़का-शूर्पणखा

· मेघनाद के तीरों द्वारा अग्निवर्षा

समिति अपने चारों जुलूसों को और भव्य बनाने की दिशा में भी प्रयासरत है।

मध्य भारत का सबसे बड़ा मंच, टीन शेड और ऊंची फोल्डिंग व्यवस्था

पं. तिवारी ने बताया कि इस बार बारिश की संभावित स्थिति को देखते हुए पूरा मंच टीन शेड का बनाया गया है। करीब तीन हजार वर्गफिट का ऊंचा और अत्याधुनिक फोल्डिंग मंच तैयार किया जा रहा है, ताकि आखिरी पंक्ति के दर्शक भी भगवान की लीला स्पष्टता से देख सकें।

पहले मंच की ऊंचाई कम थी, जिसके कारण पीछे बैठने वाले श्रद्धालुओं को लीला दर्शन में कठिनाई होती थी। इस बार मंच को और ऊंचा बनाया जा रहा है। साथ ही दर्शकों की सुविधा के लिए बैठक व्यवस्था को भी और अनुकूल बनाया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों के मुताबिक यह मध्य भारत का सबसे बड़ा मंच होगा, जिसमें भगवान श्रीराम की लीलाओं का सजीव मंचन किया जाएगा।

दो माह से चल रही तैयारी, आधुनिकता का समावेश

अध्यक्ष पं. अनिल तिवारी ने बताया कि इस बार रामलीला समिति द्वारा प्रभु की लीला का पारंपरिक स्वरूप बरकरार रखते हुए लीला में आधुनिकता का समावेश किया गया है। मंचन में आधुनिक साउंड, लाइट, अत्याधुनिक मेकअप, ड्रेसिंग, शस्त्र प्रदर्शन और पात्रों की एंट्री पर विशेष जोर दिया गया है। पिछले दो माह से सभी सदस्य रामलीला मंचन की तैयारी में जुटे हुए हैं।

21 दिवसीय महायज्ञ का कार्यक्रम

इस 21 दिवसीय महायज्ञ का शुभारंभ मुकुट पूजन चल समारोह के साथ 04 अक्टूबर को होगा। मंच पर 05 अक्टूबर को राम जन्म और नारद मोह की लीला के साथ मंचन प्रारंभ होगा।

तिथि विशेष लीला

04 अक्टूबर मुकुट पूजन चल समारोह (शुभारंभ)

05 अक्टूबर राम जन्म, नारद मोह

08 अक्टूबर धनुष यज्ञ

09 अक्टूबर श्रीराम बारात

14 अक्टूबर सीता हरण

16 अक्टूबर लंका दहन

18 अक्टूबर लक्ष्मण शक्ति

22 अक्टूबर राज्याभिषेक महोत्सव

24 अक्टूबर भंडारा एवं महायज्ञ विश्राम

22 अक्टूबर को धूमधाम से भगवान का राज्याभिषेक महोत्सव आयोजित होगा, तथा 24 अक्टूबर को भंडारे के साथ रामलीला अनुष्ठान महायज्ञ का विश्राम होगा।

पत्रकारवार्ता में ये रहे उपस्थित

पत्रकारवार्ता में अध्यक्ष पं. अनिल तिवारी, व्यास पं. वासुदेव शास्त्री, सहव्यास मोहन चौबे, संजीव तिवारी, संरक्षक रवि गुप्ता, पीआरओ राकेश पाठक, विजय सरावगी, रवीन्द्र मघरिया, राकेश पाठक 'गायक', अरुण दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल किशोर तिवारी, उपाध्यक्ष पवन पांडे, पीयूष विश्वकर्मा, महामंत्री मनीष पाठक, कोषाध्यक्ष राजीव गोयल मंगू, महेश गुललहा, दीपक अग्रवाल, किशन अग्रवाल, गुड्डा रैकवार, चप्पू गुप्ता, अतुल पांडे, दीपक पांडे, ओम दुबे सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

संक्षेप में: मध्य भारत की सबसे प्राचीन रामलीला का 162वां मंचन इस बार मध्य भारत के सबसे बड़े और ऊंचे टीन शेड फोल्डिंग मंच पर होगा, जिसमें आधुनिक साउंड-लाइट और भव्य दृश्यों के साथ 21 दिवसीय भव्य आयोजन 04 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 24 अक्टूबर को भंडारे के साथ संपन्न होगा।