श्रीराम के अग्निबाण से धू-धू कर जल उठे 75 फुट के रावण-कुंभकर्ण - Bhaskar Crime

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श्रीराम के अग्निबाण से धू-धू कर जल उठे 75 फुट के रावण-कुंभकर्ण

 74वें पंजाबी दशहरा महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब: मंत्री और महापौर ने कंधों पर उठाकर पहुंचाया राम-लक्ष्मण*

*श्रीराम के अग्निबाण से धू-धू कर जल उठे 75 फुट के रावण-कुंभकर्ण*

*जबलपुर के आयुर्वेद कालेज मैदान में असत्य पर सत्य की जीत का ऐतिहासिक नजारा,

*जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा पूरा आयोजन स्थल*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में 19 अक्टूबर 2026 को पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 74वें ऐतिहासिक पंजाबी दशहरा महोत्सव ने एक ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे शहरवासी लंबे समय तक याद रखेंगे। शासकीय आयुर्वेद कालेज ग्वारीघाट स्थित पंजाबी दशहरा मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। इस बार के आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि रावण का दहन करने के लिए भगवान श्रीराम और अनुज लक्ष्मण को स्वयं मंत्री राकेश सिंह और महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्नू ने अपने कंधों पर उठाकर आयोजन स्थल तक पहुंचाया। यह दृश्य देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो गया।

श्रीराम के अग्निबाण से हुआ बुराई का अंत

जैसे ही श्रीराम के अग्निबाणों ने रावण और कुंभकर्ण के 75 फुट ऊंचे विशालकाय पुतलों को भेदा, दोनों पुतले धू-धू कर जल उठे। आसमान में आतिशबाजी की रंग-बिरंगी छटा ने आयोजन स्थल को दमक उठाया। इसी के साथ असत्य पर सत्य की जीत हुई और बुराई का अंत हुआ। यह नजारा उन हजारों आंखों ने देखा, जो आयोजन स्थल में उपस्थित रहे। अनीति पर नीति, अधर्म पर धर्म तथा अंधकार पर प्रकाश के पर्व विजयादशमी पर यह आयोजन बेहद धूमधाम से संपन्न हुआ। आकर्षक आतिशबाजी पर श्रद्धालुजन वाह-वाह करते नजर आए और हजारों की संख्या में मौजूद शहरवासी संस्कृति के रंगों से सराबोर हुए।

मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथि

कार्यक्रम की शुरुआत परम पूज्य श्रीमद् जगतगुरु डॉक्टर स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज के आर्शीवचन से हुई। मंच पर परम पूज्य साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, अध्यक्ष ब्रह्म ऋषि मिशन समिति भी उपस्थित रहीं। उन्होंने पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि समाज में लोग स्वार्थपूर्ति के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार रहते हैं, ऐसे लोग रावण के प्रतीक हैं और हमें इस प्रवृत्ति को मिटाना होगा।

मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में  राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में  महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, सांसद एवं रिंकूज विज, अध्यक्ष नगर पालिका निगम उपस्थित रहे। पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश ग्रोवर, नरेंद्र पाल मलिक भी मंचासीन रहे।

पूजन-अर्चना से हुई शुभ शुरुआत

आयोजन स्थल पर श्रीराम के पूजन-अर्चन के साथ ही कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पंजाबी दशहरा पर्व देखने लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला। हाल यह रहा कि दर्शक आयोजन देखने के लिए दोपहर 4 बजे कड़ी धूप में ही जाकर अपनी जगह सुरक्षित कर बैठ गए थे। भीड़ के आगे आयोजन स्थल छोटा नजर आ रहा था।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक दशहरा पर्व पर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ प्रस्तुत किए गए। गणेश वंदना से शुरुआत हुई। इसके उपरांत निर्देशक अखिलेश पटेल के आदि देव कला संस्थान के कलाकारों द्वारा राजस्थानी दुर्गा भजन और हनुमान भजन की शानदार प्रस्तुति पेश की गई। इसके बाद नवरंग कथक कला केंद्र के निर्देशक मोती शिवहरे के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंतर्राष्ट्रीय श्याम बैण्ड ने स्टेज शो में भक्ति एवं धार्मिक धुनें प्रस्तुत कर वातावरण को धर्ममय बना दिया। सूफी कथक कलाकारों की प्रस्तुति के बाद दिव्य रामायण कथा की आकर्षक प्रस्तुति की गई। तत्पश्चात सामूहिक पंजाबी भांगड़ा एण्ड पार्टी द्वारा स्टेज पर शानदार प्रस्तुति दी गई, जिससे दर्शकों में अत्यधिक उत्साह का माहौल बन गया और तालियों की गड़गड़ाहट से आयोजन स्थल गुंजायमान हो उठा।

आसमान में आतिशबाजी ने बिखेरी इंद्रधनुषी छटा

शानदार आतिशबाजी ने आसमान को इंद्रधनुषी और सतरंगी कर दिया। रोशन हुए आसमान का नजारा आयोजन स्थल पर देखते ही बन रहा था। आयोजन स्थल के आसपास भी बाहर खड़े सैकड़ों लोगों ने आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। शिवाकाशी एवं स्थानीय आतिशबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा के चलते एक से बढ़कर एक शानदार आइटम पेश किए जा रहे थे। जैसे-जैसे आतिशबाजी आसमान में जाती थी, दर्शक एवं बच्चे उत्साह से जोरदार चिल्ला उठते थे।

चौकस रही प्रशासन की निगाहें

जिला एवं पुलिस प्रशासन ने आयोजन स्थल के आसपास तथा मार्गों पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर रखा था। पुलिस कर्मी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे।

शोभायात्रा ने मनमोहा

श्रीराम एवं अनुज लक्ष्मण और भक्त हनुमान की पुष्पों से सजी आकर्षक रथ जब आयोजन स्थल पर पहुंचे तो श्रीराम के जयघोष से पूरा आयोजन स्थल गुंजायमान हो गया। श्रीराम रथ के आगे भक्त हनुमान हाथ में गदा लिये नृत्य करते चल रहे थे। शोभायात्रा में रंग-बिरंगी डिस्को लाइटें, दुलदुल घोड़ी, श्याम बैण्ड दल और घोड़े नृत्य करते चल रहे थे। हनुमान जी ने अशोक वाटिका में जाकर फल खाए और फिर बाटिका तहस-नहस कर दी। रघुनाथ के रथ ने मैदान की परिक्रमा लगाई और फिर भगवान श्रीराम के तरकस से अभेद बाण निकले तो कुछ ही पलों में रावण और कुंभकर्ण धू-धू कर जल उठे।

अतिथियों का उद्बोधन

कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व वित्त मंत्री माननीय तरुण भनोत ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान राम का जीवन समाज के लिए आदर्श है, लेकिन बदलते वक्त के साथ अब व्यक्तियों की वृत्तियों में बुराइयों का प्रवेश हो गया है, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि पंजाबी दशहरे का मध्यप्रदेश में अपना एक अलग ही गौरव है, जिसे पंजाबी समाज बरकरार रखे हुए है। यह संस्कारधानी की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। 

रावण बनाने वाले कलाकार की चौथी पीढ़िया

रावण बनाने वाले कलाकार इतिकार आलम ने कहा ये मेरी द्वारा चौथी पीढ़ियों के द्वारा जबलपुर के सभी रावण हमारे द्वारा ही बनाया जाती है 10 15 दिन के पहले से रावण कुंभकरण और मेघनाथ को बनने लगते हैं

सफल आयोजन में इनका रहा सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में पंजाबी समाज की प्रतिष्ठित संस्था पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन, पंजाबी महिला समिति एवं पंजाबी युवा समिति तथा समस्त पंजाबी समाज का सहयोग प्राप्त हुआ। संस्थाध्यक्ष श्री नरेश ग्रोवर ने बताया कि 74वें पंजाबी दशहरे के सफल समापन पर पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन के सचिव राजीव ओबेरॉय, मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा "पप्पू", अंशुल मलिक, इंदर बिरमानी, पंकज सेठी, सुधीर मेहता, सुशील आनंद, संजय अरोरा, रघुवर कपूर, सुनील बहल, धन्वंतराय सेठी, भरत कपूर, उमेश खुराना, नरेंद्र धमीजा, गुलशन मखीजा, नीरज बयोत्रा, प्रदीप वाधवा, दीपक चंडोक, डॉ. सुमित कुमार, अशीष खुराना, मनीष वर्मा, रोहन दीवान, संजीव मलिक, अंशुल कोहली, अंबर पुंज, मनमोहन कोचर, संदीप सेठी, कुशाग्र राजपाल के साथ शोभायात्रा की तैयारी में महिला समिति की श्रीमती उषा खुराना, सचिव श्रीमती किरण नारंग सहित नवयुवक मंडल का योगदान रहा।