पारले-जी फैक्ट्री में आग से मचीं क्षेत्रों में हड़कंप, देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया - Bhaskar Crime

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पारले-जी फैक्ट्री में आग से मचीं क्षेत्रों में हड़कंप, देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया

*पारले-जी फैक्ट्री में आग से मचीं क्षेत्रों में हड़कंप, देखते ही देखते  आग ने भीषण रूप ले लिया*

आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई।

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर के रिछाई औद्योगिक क्षेत्र स्थित पारले-जी बिस्किट फैक्ट्री में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई।

 घटना का विवरण और आग का कारण

· समय और स्थान: यह घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे की है, जो जबलपुर के रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में स्थित पारले-जी बिस्किट फैक्ट्री में हुई ।

· आग का कारण: आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है ।

· आग फैलने का कारण: फैक्ट्री के अंदर पैकेजिंग सामग्री (कार्डबोर्ड, प्लास्टिक) और खाद्य तेल जैसी भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग बहुत तेजी से फैल गई ।

 बचाव कार्य और राहत

· दमकल की तैनाती: सूचना मिलने के बाद नगर निगम और औद्योगिक क्षेत्र से कुल 7 से 8 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं ।

· निकासी: एहतियात के तौर पर फैक्ट्री में काम कर रहे सभी कर्मचारियों और श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है ।

· अधिकारियों की मौजूदगी: रिछाई पुलिस थाने की पुलिस और औद्योगिक क्षेत्र प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं ।

 आपके द्वारा उल्लिखित "अग्निशमन उपकरण की कमी" के संबंध में

आपने उल्लेख किया है कि सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री में अग्निशमन उपकरण मौजूद नहीं थे, जिसके कारण आग बड़ी। वर्तमान आधिकारिक मीडिया रिपोर्टों में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं मिलता है कि फैक्ट्री में अग्निशमन उपकरण थे या नहीं। वर्तमान रिपोर्टें मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित हैं कि आग ज्वलनशील पदार्थों के कारण तेजी से फैली, तथा शॉर्ट सर्किट का संदेह है, लेकिन अग्निशमन सुविधाओं की कमी के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है ।

नुकसान का आकलन

आग से हुए वास्तविक नुकसान का अभी सटीक आकलन नहीं हो पाया है। रिपोर्टों के अनुसार, फैक्ट्री के एक हिस्से में रखा लाखों रुपये का सामान और कच्चा माल जलकर खाक हो गया है, और विशिष्ट हानि की राशि आग बुझने के बाद प्रबंधन और प्रशासन द्वारा सत्यापित की जाएगी । इसके अलावा, यह फैक्ट्री 2012 में भी आग की चपेट में आ चुकी है, उस समय लगभग 2 घंटे में आग बुझाई गई थी और लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ था ।