प्रदेश में आयुष्मान योजना पर सरकार द्वारा एक्शन, हॉस्पिटलों पर की गई करवाई
जबलपुर शहर के 7 निजी अस्पतालों की सम्बद्धता समाप्त कर दी गई है।
विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज भोपाल जबलपुर/ आयुष्मान भारत निरामय योजना के तहत नियमों का पालन न करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में शहर के 7 निजी अस्पतालों की सम्बद्धता समाप्त कर दी गई है। यह कार्रवाई पूरे प्रदेश के कुल 65 अस्पतालों पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की राज्य इम्पैनलमेंट कमेटी की विगत दिवस हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। कार्रवाई उन अस्पतालों पर की गई है, जिन्होंने निर्धारित अवधि में आयुष्मान हितग्राहियों को उपचार का लाभ नहीं दिया या राष्ट्रीय अस्पताल प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) की अनिवार्य मान्यता संबंधी नियमों का पालन नहीं किया। एनएबीएच मान्यता न होना ही इन अस्पतालों की कार्रवाई की मुख्य वजह बनी।
शहर के ये 7 अस्पताल हुए असम्बद्ध:
जिन अस्पतालों को आयुष्मान योजना से असम्बद्ध किया गया है, उनमें पीजी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, मोहनलाल हरगोविंददास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल, नेशनल अस्पताल, सिटी हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर, समर्थ श्री मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, जेके अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर, तथा गोल्छा अस्पताल एवं यूरोलॉजिकल रिसर्च सेंटर जैसे हॉस्पिटल शामिल हैं।
मरीजों पर पड़ेगा सीधा असर:
अब इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपचार का लाभ नहीं मिल सकेगा। यह फैसला योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि अब उन्हें इन निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पूरा खर्च खुद उठाना पड़ सकता है। प्रशासन का यह कदम योजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।