धार्मिक पर्व पर अपराधियों पर शिकंजा, NSA और जिला बदर की तैयारी - Bhaskar Crime

Breaking

धार्मिक पर्व पर अपराधियों पर शिकंजा, NSA और जिला बदर की तैयारी

कलेक्टर-पुलिस का एक्शन: धार्मिक पर्व पर अपराधियों पर शिकंजा

जिले के सभी थानों में अपराधियों की जन्मकुंडली और अपराधिक रिकॉर्ड तैयार, NSA और जिला बदर की तैयारी

"पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर और ग्रामीण थानों में विशेष अभियान चाकूबाजी, लूटपाट, जुआ और सट्टे के अपराधियों पर फोकस"

    *मनोज विश्वकर्मा चीफ एडिटर*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर जिले में आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों की जन्मकुंडली और अपराधिक रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, ताकि पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे।

प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई शहर के साथ-साथ ग्रामीण थाना क्षेत्रों में भी तेज कर दी गई है। पुलिस टीम द्वारा ऐसे अपराधियों की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है, 400 से अधिक जिनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं और जो पर्व के दौरान शांति व्यवस्था भंग कर सकते हैं 

विशेष रूप से चाकूबाजी, लूटपाट, जुआ और सट्टा में संलिप्त अपराधियों की अलग-अलग अपराधिक कुंडली तैयार की जा रही है। इन अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड, गतिविधियों और संभावित खतरों का आकलन करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गंभीर अपराधों में लिप्त और बार-बार अपराध करने वाले तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई और जिला बदर की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का मानना है कि धार्मिक पर्वों के दौरान भीड़ अधिक होती है और असामाजिक तत्वों द्वारा शांति व्यवस्था भंग करने की संभावना रहती है। इसलिए पहले से ही अपराधियों पर नकेल कसने की यह रणनीति अपनाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधिक रिकॉर्ड तैयार होने के बाद संबंधित अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।