कटोरे में मूंग-उड़द लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास,सरकार के खिलाफ तीखा विरोध जताया। - Bhaskar Crime

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कटोरे में मूंग-उड़द लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास,सरकार के खिलाफ तीखा विरोध जताया।

किसानों का अनोखा प्रदर्शन, दिया आंदोलन की चेतावनी

कटोरे में मूंग-उड़द लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास,सरकार के खिलाफ तीखा विरोध जताया।

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर खाद्यान्न उपार्जन की राशि का भुगतान लंबे समय से न होने पर नाराज किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। किसानों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए एक बिल्कुल अनोखा और 'हटके' तरीका अपनाया। दर्जनों किसान कटोरे में मूंग और उड़द लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के सामने इन कटोरों का प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ तीखा विरोध जताया।

भुगतान में लेटलतीफी और धान पंजीयन पर भड़के किसान

समाजवादी पार्टी के आशीष मिश्रा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान तुलसीराम पटेल, राकेश पटेल, चंद्रकांत लोधी सहित अन्य किसानों ने अधिकारियों को बताया कि पिछले डेढ़ साल से मूंग-उड़द का भुगतान लंबित है। किसानों का आरोप है कि उन्हें आज तक न तो अनाज वापस मिला और न ही पैसा। वहीं, दूसरी ओर सरकार द्वारा धान पंजीयन की अंतिम तिथि 4 नवंबर तक बढ़ाए जाने से भी किसान बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि जबकि आसपास के जिलों में पंजीयन चालू है, लेकिन जबलपुर में समय से पहले ही पंजीयन बंद कर दिया गया।

किसानों की मांग: सिंगल विंडो सिस्टम हो लागू

किसानों ने आरोप लगाया कि जब भी वे अधिकारियों से पंजीयन के लिए बात करते हैं तो उन्हें एक ही रटा-रटाया जवाब दिया जाता है कि 'सर्वर बंद है'। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें भटकना न पड़े।

7 दिनों में भुगतान नहीं तो होगा तीव्र आंदोलन

कलेक्ट्रेट में हुए इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अगले 7 दिनों के भीतर उनका लंबित भुगतान नहीं किया गया, तो वे तीव्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

कलेक्टर ने दिया शीघ्र समाधान का आश्वासन

किसानों के इस अनोखे प्रदर्शन और तीखे तेवर को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही किसानों की बात सुनी। कलेक्टर ने किसानों को जल्द से जल्द समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया है। इस प्रदर्शन में विनोद सिंह, पूरन सिंह, मुन्ना सिंह आदि किसान बड़ी संख्या में शामिल रहे।